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दिल्ली में कनिमोझी–राहुल मुलाकात, तमिलनाडु चुनाव से पहले गठबंधन पर गहरी चर्चा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है

दिल्ली में कनिमोझी–राहुल मुलाकात, तमिलनाडु चुनाव से पहले गठबंधन पर गहरी चर्चा
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द्रमुक–कांग्रेस सीट बंटवारे की बातचीत तेज, 27 बनाम 30 सीटों पर अटकी सहमति

  • एकता पर जोर: कनिमोझी ने राहुल से कहा—मतभेद सार्वजनिक न हों
  • चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की तैयारी, जल्द हो सकता है समझौता
  • तमिलनाडु चुनावी सरगर्मी: द्रमुक–कांग्रेस गठबंधन को लेकर बढ़ी हलचल

चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है। इसी कड़ी में द्रमुक संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और सीट बंटवारे व गठबंधन समन्वय पर विस्तृत चर्चा की।

सूत्रों के मुताबिक, कनिमोझी और राहुल गांधी के बीच यह बैठक करीब एक घंटे तक चली और इसे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए द्रमुक–कांग्रेस समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान कनिमोझी ने विधानसभा की उन सीटों की एक संभावित सूची राहुल गांधी को सौंपी, जिन्हें द्रमुक अपने सहयोगी दलों, खासकर कांग्रेस, को देने के लिए तैयार है।

चर्चा का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और कौन-सी विधानसभा सीटें उसके लिए ज्यादा उपयुक्त रहेंगी। इसमें पिछले चुनावी प्रदर्शन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखा गया।

सूत्रों ने बताया कि द्रमुक नेतृत्व ने कांग्रेस को 27 विधानसभा सीटें देने की तत्परता जताई है, साथ ही व्यापक गठबंधन व्यवस्था के तहत एक अतिरिक्त राज्यसभा सीट के समर्थन का भी संकेत दिया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से 30 विधानसभा सीटों की मांग रखे जाने की बात भी सामने आई है।

हालांकि बैठक के बाद कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई, लेकिन बातचीत से जुड़े नेताओं ने इसे सकारात्मक और भविष्य की ओर देखने वाला कदम बताया। दोनों दल कथित तौर पर लंबी बातचीत से बचते हुए जल्द सहमति बनाने के इच्छुक हैं, ताकि चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, कनिमोझी ने तमिलनाडु कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर हाल में दिए गए सार्वजनिक बयानों पर भी चिंता जताई। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि आंतरिक मतभेदों को सार्वजनिक रूप से सामने न लाया जाए, क्योंकि इससे गठबंधन की एकजुटता की छवि कमजोर हो सकती है।

एकता पर जोर देते हुए कनिमोझी ने कथित तौर पर कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दोनों दलों को मतभेद भुलाकर समन्वय के साथ काम करना होगा। विपक्ष का प्रभावी मुकाबला करने और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए एकजुट मोर्चा बेहद जरूरी है।

कनिमोझी-राहुल गांधी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी प्रमुख दल चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। द्रमुक और कांग्रेस दोनों ही राज्य में अपने गठबंधन को बनाए रखने के इच्छुक हैं और मतभेद सुलझाने तथा सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए आने वाले दिनों में बातचीत के और दौर होने की संभावना है।


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