वेस्टइंडीज को खुद पर गर्व होना चाहिए: अभिषेक नायर
नई दिल्ली, भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने कहा कि टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच ट्रॉफी साझा करना एक कड़े मुकाबले वाली सीरीज का बिल्कुल सही अंत है।

नई दिल्ली, भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने कहा कि टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच ट्रॉफी साझा करना एक कड़े मुकाबले वाली सीरीज का बिल्कुल सही अंत है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर विजेता तय करने के लिए मैच को घटाकर 9 ओवर का कर दिया जाता, तो यह फैसला करने का एक अनुचित तरीका होता।
शनिवार को बेंगलुरु में खेले गए सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच बारिश की भेंट चढ़ा। मुकाबले में सिर्फ 7.4 ओवर का ही खेल हो सका। लगातार होती तेज बारिश के चलते आखिर में अंपायर्स को मैच को रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। इसके साथ ही, दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई।
नायर ने 'जियोस्टार' से कहा, "जिस तरह से यह सीरीज आगे बढ़ी है, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि 2-2 का नतीजा बिल्कुल सही है, क्योंकि दोनों टीमों ने बहुत अच्छा क्रिकेट खेला। ट्रॉफी किसके पास जाएगी अगर यह तय करने के लिए मैच को 9 ओवर का कर दिया जाता, तो यह इस सीरीज के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण होता।"
पांचवें टी20 मैच से पहले दोनों टीमों ने 2-2 जीत दर्ज की थीं, जिससे सीरीज ऐसे मोड़ पर आ गई थी जहां आखिरी मुकाबला ही यह तय करने वाला था कि ट्रॉफी किसके नाम होगी। हालांकि, बेंगलुरु के मौसम ने दोनों टीमों को मैदान पर मुकाबला पूरा करने का मौका नहीं दिया। ऐसे में, नायर ने रद्द हुए फाइनल मैच के बजाय सीरीज के पिछले मैचों में किए गए प्रदर्शन पर बात की।
उन्होंने आगे कहा, "यह कहना सही होगा कि दोनों टीमों ने अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेला है। सीरीज का 2-2 से खत्म होना यह दिखाता है कि दोनों टीमों ने कितना अच्छा खेल दिखाया है और भारत के लिए अपने घरेलू मैदान पर यह कितनी कठिन सीरीज रही है। वेस्टइंडीज को खुद पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि जब वे यहां आए थे, तो ऐसा लग रहा था कि भारत उन्हें आसानी से हरा देगा। भले ही 7 ओवर के खेल में भारत को अपनी जीत की उम्मीद रही होगी, लेकिन मुझे लगता है कि एक अच्छी सीरीज का यह बिल्कुल सही अंत है।"
वेस्टइंडीज के सामने परिचित परिस्थितियों में एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करने की चुनौती थी, लेकिन उन्होंने 2 मैच जीतकर यह सुनिश्चित किया कि सीरीज का फैसला आखिरी मैच तक हो सके।


