'इस मेडल की हमें उम्मीद थी, क्योंकि हमारी तैयारियां बहुत अच्छी चल रही थी': राइजा ढिल्लों
नागोया, एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को भारतीय महिला स्कीट टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

नागोया, एशियन गेम्स 2026 में बुधवार को भारतीय महिला स्कीट टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में परिनाज, राइजा और माहेश्वरी की तिकड़ी ने मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 331 का स्कोर बनाते हुए देश की झोली में मेडल डाला।
राइजा का कहना है कि टीम को मेडल की पूरी उम्मीद थी, क्योंकि एशियन गेम्स 2026 को लेकर तैयारियां काफी अच्छी हुई थीं। उन्होंने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा, "हम सभी बहुत खुश हैं। हमें इस मेडल की पूरी उम्मीद थी, क्योंकि हमारी तैयारियां काफी अच्छी चल रही थीं। यह हमारे देश और हमारे लिए एक बड़ी जीत है। हम बेहद खुश हैं और मुझे खुद और अपनी टीम पर गर्व है।" राइजा ने फाइनल में हुई बारिश के चलते किसी भी तरह की दिक्कत को लेकर कहा, "मैच के बीच में थोड़ी बारिश हुई थी, लेकिन इसका कारण कोई खास परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। मैंने इससे भी खराब मौसम में खेला है।"
राइजा ने उम्मीद जताई है कि शूटिंग में भारत अभी और कई मेडल जीतेगा। उन्होंने कहा, "अभी हमारे कई इवेंट्स रह रहे हैं, तो हम जाहिर तौर पर अभी कई और मेडल जीतकर यहां से जाएंगे। मैं अपना यह मेडल अपने माता-पिता, अपनी टीम, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), एनआरआई को समर्पित करना चाहती हूं।"
अपनी सफलता में साई के योगदान पर बातचीत करते हुए राइजा ने कहा, "साई ने हमारी सफलता में काफी अहम योगदान निभाया है। उन्होंने हमारे लिए कई तरह के कैंप आयोजित किए। इसके साथ ही उन्होंने इंटरनेशनल कोचों की भी व्यवस्था की। अगर साई हमारी मदद नहीं करता, तो यहां तक का सफर मुमकिन नहीं होता।"
वहीं, माहेश्वरी चौहान ने अपनी इस उपलब्धि पर बात करते हुए कहा, "मैं बहुत आभारी महसूस कर रही हूं। मुझे लगता है कि हम तीनों बहुत किस्मत वाले हैं कि हमें अपने देश के लिए परफॉर्म करने और मेडल जीतने का मौका मिला। बेशक, अभी बहुत काम बाकी है और लंबा सफर तय करना है, लेकिन निश्चित रूप से बहुत अच्छा और सौभाग्यशाली महसूस हो रहा है।"
माहेश्वरी ने आगे कहा, "सच कहूं तो, स्कीट में माहौल हमेशा एक अहम भूमिका निभाता है। तो, यह खेल का ही एक हिस्सा बन गया है। मुझे व्यक्तिगत रूप से बारिश में शूटिंग करना पसंद है। इसी वजह से बारिश देखकर मुझे खुशी हुई क्योंकि हम काफी समय से इसका इंतजार कर रहे थे। हवाएं बहुत अनुकूल नहीं थीं, लेकिन कुल मिलाकर यह एक चुनौतीपूर्ण पर अच्छा मुकाबला था।"
फेडरेशन और साई के योगदान पर माहेश्वरी ने कहा, "फेडरेशन और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने बहुत अहम रोल निभाया। उन्होंने हमें सपोर्ट किया, कैंप, ट्रेनिंग और कोचिंग की व्यवस्था की। हम जुलाई से एशियन गेम्स के लिए कैंप में हैं। बीच-बीच में हमारी कुछ घरेलू प्रतियोगिताएं भी होती रहीं। हमारी टीम भी मई में ही तय हो चुकी थी, जिसके कारण हमें बतौर टीम तीन से चार महीने तैयारी के लिए मिले। हां, मुझे लगता है कि हमारी उम्मीदें इससे ज्यादा की थीं, लेकिन हम खुश हैं कि पोडियम पर फिनिश कर सके।"


