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जोहान मंजाम्बी: फीफा वर्ल्ड कप में किया जबरदस्त प्रदर्शन, कहा- 'आज रात में सो नहीं पाऊंगा'

लॉस एंजिल्स, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप बी के मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया। टीम की इस जीत के नायक जोहान मंजाम्बी रहे, जिन्होंने मैच में दो गोल दागे।

जोहान मंजाम्बी: फीफा वर्ल्ड कप में किया जबरदस्त प्रदर्शन, कहा- आज रात में सो नहीं पाऊंगा
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लॉस एंजिल्स, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप बी के मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया। टीम की इस जीत के नायक जोहान मंजाम्बी रहे, जिन्होंने मैच में दो गोल दागे। मंजाम्बी ने टीम की जीत के बाद कहा कि वह विश्व कप में अपना पहला गोल करने के बाद आज ही रात खुशी के कारण सो नहीं पाएंगे।

जोहान मंजाम्बी ने स्विट्जरलैंड की तरफ से मैच का पहला गोल 74वें मिनट में किया। उन्होंने एक शानदार हाई वॉली को गोल में तब्दील करके अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद उन्होंने अपना दूसरा गोल मैच के 90वें मिनट में किया, जिसकी मदद से स्विट्जरलैंड ने मुकाबले में 3-0 की बढ़त हासिल की। मंजाम्बी को उनके दमदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

टीम को जीत में अहम भूमिका निभाने के बाद उन्होंने कहा, "सच कहूं तो, यह जबरदस्त है। यह मेरे करियर का पहला ब्रेस (एक मैच में दो गोल) है, और वर्ल्ड कप में भी। फैंस और अपने परिवार के सामने दो गोल करना, यह बहुत अच्छा है। मुझे नहीं लगता कि मैं आज रात सो पाऊंगा।"

खास बात यह है कि 20 साल का यह मिडफील्डर 1950 के बाद वर्ल्ड कप मैच में गोल करने वाले स्विट्जरलैंड के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। मंजाम्बी सब्स्टीट्यूट होने के बाद ब्रेस करने वाले स्विट्जरलैंड के पहले खिलाड़ी बने। इसके साथ ही वह स्विट्जरलैंड की तरफ से विश्व कप में सबसे कम उम्र में एक ही मैच में दो गोल करने वाले खिलाड़ी भी बने।

नेशनल टीम में मंजाम्बी को ज्यादातर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने अब तक 13 मुकाबलों में कुल 3 गोल किए हैं। स्विट्जरलैंड के कोच मूरत याकिन ने भी मंजाम्बी की तारीफ की। उन्होंने कहा, "जोहान एक खुश रहने वाले खिलाड़ी हैं जिनके पास बहुत अच्छी फुटबॉल स्किल्स हैं। हम उन्हें अलग-अलग पोजीशन पर खिला सकते हैं, कभी डिफेंस में, कभी मिडफील्ड में और जरूरत पड़ने पर विंग पर स्ट्राइकर के तौर पर भी। वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो स्ट्रीट फुटबॉल की तरह खेलते हैं, इसलिए उन्हें मैदान में खुलकर खेलने की आजादी मिलनी चाहिए। अटैक के दौरान उन्हें पूरी स्वतंत्रता दी जाती है ताकि वे अपना स्वाभाविक खेल दिखा सकें।आज के मैच में भी आपने देखा कि वह दबाव बना सकते हैं, उनकी ड्रिब्लिंग अच्छी है और वह गोल करने की क्षमता भी रखते हैं।"


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