ईशान किशन ने टीम की जीत में योगदान देना और आनंद लेना महत्वपूर्ण
नई दिल्ली, लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच के बाद नेशनल टीम में वापसी पर बात करते हुए विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने कहा कि भारतीय टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें अपनी कमियों को समझने और फिटनेस, बैटिंग और घरेलू क्रिकेट के जरिए अपने खेल को बेहतर बनाने का मौका मिला।

नई दिल्ली, लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल मैच के बाद नेशनल टीम में वापसी पर बात करते हुए विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने कहा कि भारतीय टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें अपनी कमियों को समझने और फिटनेस, बैटिंग और घरेलू क्रिकेट के जरिए अपने खेल को बेहतर बनाने का मौका मिला।
भारत की आठ विकेट से जीत में नाबाद 37 रन बनाने वाले किशन ने कहा कि अब उन्होंने सिलेक्शन में होने वाली दिक्कतों की चिंता करने के बजाय, जब भी मौका मिले, लगातार अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। 27 साल के किशन की वापसी उनके खेल के प्रति ज्यादा सोच-समझकर अपनाए गए नजरिए का नतीजा है। टीम से दोबारा बाहर होने की संभावना के बारे में सोचने के बजाय किशन ने कहा कि अब वह उन चीजों पर ध्यान देना चाहते हैं जो सीधे उनके कंट्रोल में हैं - जैसे तैयारी, प्रदर्शन और टीम में योगदान।
किशन ने 'जियोस्टार' से कहा, "जब मुझे इंटरनेशनल टीम से बाहर किया गया, तो मुझे अपनी कुछ गलतियों के नतीजों का एहसास हुआ। इसलिए, मैंने अपनी फिटनेस और बैटिंग पर काम किया। मैंने सब्र रखा और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके अपनी गलतियों को सुधारने पर ध्यान दिया। मुझे पता था कि अगर मैं घरेलू क्रिकेट में अच्छा खेलता रहा, तो मौका जरूर मिलेगा और अपनी कड़ी मेहनत की वजह से ही मुझे नेशनल टीम में दोबारा जगह मिली।"
किशन के लिए इस पारी ने यह भी दिखाया कि मैच के हर दौर में जबरदस्ती अपना ही खेल खेलने की कोशिश करने के बजाय, यह समझना कितना महत्वपूर्ण है कि उस समय किस चीज की जरूरत है। जब अय्यर तेजी से रन बना रहे थे, तब किशन ने स्ट्राइक रोटेट करने और अपनी पसंदीदा जगहों पर आने वाली गेंदों पर रन बनाने पर ध्यान दिया।
उन्होंने आगे कहा, "एक बार जब आप टीम में वापस आ जाते हैं, तो आप यह नहीं सोचते कि अगर मुझे दोबारा बाहर कर दिया गया तो क्या होगा। सबसे आवश्यक बात है क्रिकेट का मजा लेना और टीम की जीत में अपना बेस्ट योगदान देने पर ध्यान देना। मेरा काम रन बनाते रहना है और अगर मैं ऐसा कर पाता हूं, तो बाकी चीजें अपने आप ठीक हो जाएंगी।"
सीरीज के पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में उनकी भूमिका में यह सोच साफतौर पर दिखाई दी। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन के जल्दी आउट होने के बाद, किशन ने कप्तान श्रेयस अय्यर का साथ दिया और टीम को लक्ष्य का पीछा करने में संभाला। इस जोड़ी ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 137 रन जोड़े, जिसमें अय्यर ने करियर की यादगार नाबाद 102 रनों की पारी खेली और किशन नाबाद 37 रन बनाकर लौटे।
नतीजा यह रहा कि अय्यर की कप्तानी में भारत को 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। भारतीय टीम ने पहले गेंदबाजी का फैसला करने के बाद वेस्टइंडीज को 171 रन पर रोका। हालांकि, कप्तान अय्यर की शतकीय पारी के बूते टीम इंडिया ने 172 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 14.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया।


