वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम चयन पर नजर, पंत और हार्दिक की वापसी पर होगा फैसला
हार्दिक पांड्या की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी 20 सितंबर से प्रस्तावित है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए पहले ही टीम में शामिल किया जा चुका है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल होगा कि क्या पांड्या वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में गेंदबाजी के लिए पूरी तरह तैयार होंगे।

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम की राष्ट्रीय चयन समिति बुधवार को वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम का चयन करेगी। चयन बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा विकेटकीपर-बल्लेबाज रिषभ पंत और चोट से उबरकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की तैयारी कर रहे हार्दिक पांड्या को लेकर होने की संभावना है। भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी-20 मुकाबले खेलने हैं। टी-20 सीरीज की शुरुआत छह अक्टूबर से होगी, जबकि वनडे मुकाबले 27 सितंबर से खेले जाने हैं।
पांड्या की फिटनेस पर रहेगी चयनकर्ताओं की नजर
हार्दिक पांड्या की प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी 20 सितंबर से प्रस्तावित है। उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत ए की तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए पहले ही टीम में शामिल किया जा चुका है। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल होगा कि क्या पांड्या वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में गेंदबाजी के लिए पूरी तरह तैयार होंगे। वनडे मुकाबले में उनसे 10 ओवर गेंदबाजी करने के साथ-साथ पूरे 50 ओवर मैदान पर रहने की उम्मीद होगी। यदि उनकी फिटनेस इस स्तर के लिए पर्याप्त नहीं होती है तो भारतीय टीम के लिए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर का विकल्प सीमित हो सकता है।
ऑलराउंडर विकल्पों में कमी की चुनौती
पांड्या के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में चयनकर्ताओं को विकल्प तलाशने होंगे। नीतीश कुमार रेड्डी एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के कारण जापान में होंगे। वहीं सूर्यांश शेडगे और वेंकटेश अय्यर के चोटिल होने से विकल्प और सीमित हो गए हैं। ऐसे में चयन समिति को वनडे टीम का संतुलन बनाए रखने के लिए उपलब्ध खिलाड़ियों में से सही संयोजन तैयार करना होगा। टी-20 टीम के चयन में भी एशियाई खेलों के लिए चुनी जाने वाली टीम को ध्यान में रखे जाने की संभावना है।
पंत की वापसी पर भी चर्चा संभव
रिषभ पंत के लिए भी चयन बैठक अहम हो सकती है। आईपीएल में उनके प्रदर्शन के बाद उन्हें टेस्ट टीम की उपकप्तानी से हटाया गया था और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे टीम में भी जगह नहीं मिली थी। हालांकि, इशान किशन के एशियाई खेलों में व्यस्त होने के कारण पंत को 15 सदस्यीय वनडे टीम में शामिल किए जाने की संभावना पर विचार हो सकता है। अगर पंत टीम में शामिल होते हैं, तब भी केएल राहुल के विकेटकीपर के रूप में पहली पसंद बने रहने की संभावना है। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में राहुल को वनडे टीम का उपकप्तान बनाए जाने पर भी चर्चा हो सकती है।
पंत नहीं तो ध्रुव जुरैल विकल्प
यदि चयनकर्ता पंत को वनडे टीम में शामिल नहीं करते हैं तो ध्रुव जुरैल को मौका मिल सकता है। ऐसी स्थिति में पंत को ईरानी कप में शेष भारत की कप्तानी की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। वनडे टीम के बल्लेबाजी क्रम में भी कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। श्रेयस अय्यर के एशियाई खेलों में शामिल होने के कारण रुतुराज गायकवाड़ को मध्यक्रम में मौका मिलने की संभावना है। यशस्वी जायसवाल रिजर्व ओपनर और रजत पाटीदार मध्यक्रम के रिजर्व बल्लेबाज के तौर पर टीम में जगह बना सकते हैं।
जडेजा की वापसी का रास्ता खुला
वनडे टीम में रविंद्र जडेजा की वापसी भी संभव है। हर्ष दुबे के दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के दौरान चोटिल होने के बाद बाएं हाथ के स्पिन विकल्पों को लेकर चयनकर्ताओं के सामने चुनौती बढ़ गई है। अक्षर पटेल एशियाई खेलों में भारतीय टीम का हिस्सा होंगे, जबकि दुबे को भी वनडे विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में जडेजा को वापस बुलाने पर विचार हो सकता है। मानव सुथार का नाम भी संभावित विकल्पों में शामिल किया जा सकता है।
अगरकर के अनुबंध पर भी हो सकती है चर्चा
चयन बैठक के दौरान मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रहेगी। अगरकर के दिल्ली में होने की संभावना है और इस दौरान भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के साथ उनके अनुबंध को लेकर भी चर्चा हो सकती है। खास तौर पर 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक उनके कार्यकाल को बढ़ाने के सवाल पर बातचीत की संभावना है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी सीरीज भारतीय टीम के लिए अगले वनडे चक्र की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में चयनकर्ताओं के सामने फिटनेस, उपलब्धता और टीम संयोजन से जुड़े कई सवालों पर फैसला लेने की जिम्मेदारी होगी।


