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हरलीन देओल : मैं बस खुलकर खेलना चाहती हूं

नई दिल्ली, भारत की बल्लेबाज हरलीन देओल विमेंस कैरेबियन प्रीमियर लीग (डब्ल्यूसीपीएल) के बाकी मैचों के लिए बारबाडोस ट्राइडेंट्स टीम में शामिल हो गई हैं। वह इस टूर्नामेंट में खेलने वाली पांचवीं भारतीय क्रिकेटर बन गई हैं। हरलीन ट्राइडेंट्स टीम में अपनी साथी खिलाड़ियों पूजा वस्त्राकर और किरण नवगिरे के साथ जुड़ गई हैं। यह किसी ग्लोबल फ्रेंचाइजी टी20 टूर्नामेंट में उनका पहला अनुभव होगा।

हरलीन देओल : मैं बस खुलकर खेलना चाहती हूं
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नई दिल्ली, भारत की बल्लेबाज हरलीन देओल विमेंस कैरेबियन प्रीमियर लीग (डब्ल्यूसीपीएल) के बाकी मैचों के लिए बारबाडोस ट्राइडेंट्स टीम में शामिल हो गई हैं। वह इस टूर्नामेंट में खेलने वाली पांचवीं भारतीय क्रिकेटर बन गई हैं। हरलीन ट्राइडेंट्स टीम में अपनी साथी खिलाड़ियों पूजा वस्त्राकर और किरण नवगिरे के साथ जुड़ गई हैं। यह किसी ग्लोबल फ्रेंचाइजी टी20 टूर्नामेंट में उनका पहला अनुभव होगा।

भारत में आधिकारिक ब्रॉडकास्टर 'फैनकोड' द्वारा आयोजित वर्चुअल बातचीत में हरलीन ने 'आईएएनएस' से कहा, "मैं बारबाडोस ट्राइडेंट्स के साथ हूं और मुझे यहां आए हुए अभी सिर्फ दो दिन ही हुए हैं। यह सब बहुत अचानक हुआ। इसी वजह से मैं बहुत उत्साहित हूं और यहां अच्छा लग रहा है। सच कहूं तो यह अनुभव बहुत शानदार रहा है, क्योंकि यहां का माहौल और अनुभव बिल्कुल अलग है। मैंने अभी सिर्फ एक प्रैक्टिस सेशन में हिस्सा लिया है और हम टीम बॉन्डिंग के लिए एक क्रूज पर गए थे। वह वाकई बहुत अच्छा अनुभव था।"

भारत की वनडे वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम की सदस्य हरलीन ने बताया कि फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट के अचानक बुलावे के बाद ही वह कैरेबियन पहुंचीं। उन्होंने कहा, "यह बहुत अचानक आया बुलावा था। मुझे लगता है कि मैनेजमेंट टीम से शशांक सर ने मुझसे संपर्क किया और पूछा, 'क्या आप डब्ल्यूसीपीएल खेलना चाहती हैं? मैंने कहा, 'हां, क्यों नहीं?' जाहिर है कि यहां अनुभव, पिच और लोग सब अलग हैं। फ्रेंचाइजी क्रिकेट थोड़ा अलग होता है, लेकिन यह अनुभव और सीखने के लिहाज से अच्छा है। इसी कारण मैंने बस हां कह दिया और फिर यहां आ गई।"

हरलीन ने कहा कि वह मैदान पर बिना किसी दबाव के खेलना चाहती हैं और सिर्फ क्रिकेट का आनंद लेना चाहती हैं। उन्होंने कहा, "मैं बस खुलकर खेलना चाहती हूं। मेरे लिए ज्यादा कुछ नहीं बदला है। मैं जहां भी खेलती हूं, मेरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होता है।" हरलीन ने आगे कहा कि वह ज्यादा सोचने के बजाय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देती हैं। उनके अनुसार, चाहे मैच कहीं भी हो, सबसे जरूरी बात अपना 100 प्रतिशत देना और खेल का मजा लेना है। इसलिए वह बाकी बातों की चिंता नहीं करना चाहतीं और सिर्फ क्रिकेट का आनंद लेना चाहती हैं।

जमैका एम्प्रेस के खिलाफ ट्राइडेंट्स के आने वाले मैच से पहले हरलीन ने कहा कि इस गेम में खेलने से उन्हें वहां के हालात का बेहतर अंदाजा हो जाएगा। उन्होंने कहा, "मुझे तभी पता चलेगा जब मैं पिच पर खेलूंगी क्योंकि मैंने अभी तक वहां खेला नहीं है। हमारा मैच शनिवार को है। तो, हम खेलेंगे और देखेंगे कि कैसा रहता है।"

टी20 लीग में खेलने के फायदों पर बात करते हुए विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) और अब बंद हो चुकी विमेंस टी20 चैलेंज में अपने अनुभव के आधार पर, हरलीन को लगा कि जानी-पहचानी जगहों से बाहर खुद को आजमाना एक अहम बात है। उन्होंने कहा, "जाहिर है कि जब आप ऐसे लीग टूर्नामेंट में खेलते हैं, तो आपको अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव भी मिलता है। भले ही आप घरेलू खिलाड़ी हों, आप उनसे भी सीखते हैं। ऐसा जरूरी नहीं है कि आप बाहर खेलें या कुछ और खेलें, तभी आपको अनुभव मिले।"

हरलीन ने कहा कि किसी दूसरी टीम के लिए खेलना एक अलग तरह का अनुभव और चुनौती होता है, क्योंकि वहां खिलाड़ी अपने आरामदायक माहौल (कम्फर्ट जोन) से बाहर होता है। उन्होंने कहा, "जब आप किसी नई टीम या विमेंस बिग बैश लीग जैसी विदेशी लीग में खेलते हैं, तो आपको नए खिलाड़ियों, नए माहौल और अलग परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाना पड़ता है। यह अपने आप में एक बड़ी चुनौती होती है।"

हरलीन ने आगे बताया कि अलग-अलग खिलाड़ियों के साथ खेलने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इससे नई सोच, नए तरीके और खेल को समझने का अलग नजरिया मिलता है। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि उन्हें फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेलने और ऐसे अनुभव हासिल करने का मौका मिला।

तकनीकी बदलावों के बारे में हरलीन का मानना ​​है कि फ्रेंचाइजी सेटअप बड़े बदलावों के बजाय खुद को जाहिर करने का एक मंच देते हैं। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि एक खिलाड़ी के तौर पर आप अपनी तकनीक में बहुत ज्यादा बदलाव करते हैं। मैं कहूंगी कि आप किसी से यह सीख सकते हैं कि वे किस एरिया में बॉल खेल रहे हैं या उनकी सोच क्या है। मेरे हिसाब से आप किसी दूसरे खिलाड़ी से अपनी तकनीक के बारे में सीखते हैं - वह एक अलग चीज है। मैंने बहुत अधिक बदलाव नहीं किए हैं। ऐसा नहीं है कि मैंने इंटरनेशनल टी20 सर्किट में अच्छा नहीं किया है। बस बात यह है कि जो कॉम्बिनेशन फिट बैठ रहे हैं (उनकी वजह से खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिले)।"

भारतीय खिलाड़ी ने कहा, "जाहिर है कि जब आप फ्रेंचाइजी क्रिकेट या डब्ल्यूपीएल या यहां खेलते हैं, तो आपको खुद को जाहिर करने के अधिक मौके मिलते हैं। मैं सच में शुक्रगुजार हूं कि मुझे यहां अलग-अलग लोगों के साथ खेलने का मौका मिला है। मुझे हर चीज का अनुभव मिलेगा। तो, मैं बस इसी का इंतजार कर रही हूं।"

हंसमुख स्वभाव वाली हरलीन ने कहा कि टी20 क्रिकेट के अनिश्चित स्वभाव से निपटने के लिए अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में जमीन से जुड़े रहना जरूरी है। उन्होंने कहा, "इन सब चीजों की योजना बनाते समय इंसान बाद में उलझ जाता है कि 'अरे यार, यह हो गया, वह हो गया।' इसलिए, मैं ऐसी इंसान हूं जो बस एक बार में एक दिन का मजा लेना चाहती हूं। आपको बहुत ज्यादा आगे की नहीं सोचनी चाहिए कि यह करना है या वह करना है या अगर टूर पर यह अच्छा रहा, तो यह और वह होगा। इससे आपको कभी-कभी निराशा भी होती है। जाहिर है कि आपके मन में एक लक्ष्य होता है जैसे 'हां, मैं इसी का इंतजार कर रही हूं।'


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