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अश्विन : वैभव के खेल के लिए बोले-'ऐसा लगा जैसे वह पानी से बाहर निकाली गई मछली की तरह बेचैन थे'

नई दिल्ली, भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर भेजने के टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाए हैं। अश्विन का तर्क है कि इस अनजान पोजीशन की वजह से यह युवा खिलाड़ी अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेल पाया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भारत इन तीनों बल्लेबाजों को एक ही प्लेइंग इलेवन में खिलाना चाहता है, तो नंबर 3 की जिम्मेदारी संजू सैमसन को लेनी चाहिए।

अश्विन : वैभव के खेल के लिए बोले-ऐसा लगा जैसे वह पानी से बाहर निकाली गई मछली की तरह बेचैन थे
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नई दिल्ली, भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को नंबर 3 पर भेजने के टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल उठाए हैं। अश्विन का तर्क है कि इस अनजान पोजीशन की वजह से यह युवा खिलाड़ी अपना स्वाभाविक खेल नहीं खेल पाया। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भारत इन तीनों बल्लेबाजों को एक ही प्लेइंग इलेवन में खिलाना चाहता है, तो नंबर 3 की जिम्मेदारी संजू सैमसन को लेनी चाहिए।

ईशान किशन के चोटिल होकर बाहर होने के बाद सूर्यवंशी को क्राइस्टचर्च में इस सीरीज का अपना पहला मैच खेलने का मौका मिला। हालांकि, यह मौका इस युवा खिलाड़ी के लिए काफी मुश्किल साबित हुआ। वह 8 गेंदों में सिर्फ 4 रन ही बना सके जबकि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा अपनी-अपनी शुरुआती पोजीशन पर ही बने रहे।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "यह एक 'मिस' (असफलता) जैसा रहा। वैभव जैसे युवा क्रिकेटर के लिए 'मिस' कहना शायद अभी जल्दबाजी होगी लेकिन चूंकि मेरे पास 'हिट' या 'मिस' में से चुनने के लिए केवल दो ही विकल्प हैं, तो ऐसा लगा जैसे वह 'पानी से बाहर मछली' की तरह असहज हो गए हों। उन्होंने लगातार जोर लगाने की कोशिश की, उन 8 गेंदों तक वह लगातार कोशिश करते रहे।"

पूर्व स्पिनर का यह विश्लेषण इस बात पर केंद्रित था कि एक अलग बैटिंग पोजीशन के हिसाब से खुद को ढालना कितना चुनौतीपूर्ण होता है, न कि इस बात पर कि उनकी छोटी सी पारी का नतीजा क्या रहा। आक्रामक खेल के लिए पहचाने जाने वाले सूर्यवंशी न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी लय नहीं ढूंढ पाए। अश्विन का मानना ​​है कि ऐसी स्थिति में क्रीज पर मौजूद किसी अनुभवी साथी खिलाड़ी से उन्हें मार्गदर्शन की जरूरत थी।

अश्विन ने कहा, "ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि वह गेंद को सही टाइमिंग के साथ खेल पा रहे थे। ऐसे समय में आपको एक सीनियर साथी की जरूरत होती है जो आपके पास आकर कहे, 'शांत रहो, बस डटे रहो, अपने शरीर के करीब खेलने की कोशिश करो और गेंद पर बेहतर नजर रखो।' कभी-कभी, एक बल्लेबाज के तौर पर आपको बस इतना ही सुनने की आवश्यकता होती है कि गेंद को और ध्यान से देखो। खेल की भागदौड़ में अक्सर आप यही चीज भूल जाते हैं। मुझे ऐसा लगा जैसे वह पानी से बाहर निकाली गई मछली की तरह बेचैन थे। छठे ओवर में बल्लेबाजी के लिए आना उन्हें बिल्कुल भी रास नहीं आया।"

अश्विन ने भारत के टीम चयन की उलझन को सुलझाने के लिए एक सुझाव भी दिया। उन्होंने बताया कि जब तीनों बल्लेबाज एक साथ खेलते हैं, तो टीम पहले भी संजू सैमसन को नंबर 3 पर भेज चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि विकेटकीपर-बल्लेबाज (सैमसन) को फिर से नीचे के क्रम में भेजा जा सकता है, जिससे सूर्यवंशी को ऐसी भूमिका निभाने का मौका मिलेगा जो उनकी ताकत के ज्यादा अनुकूल हो।

पूर्व स्पिनर ने कहा, "देखिए, मुझे लगता है कि वह पहले भी इस कॉम्बिनेशन के साथ खेल चुके हैं, और तब संजू को नंबर 3 पर आना पड़ा था। अगर वह इसी कॉम्बिनेशन के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, तो मुझे पक्का नहीं पता कि वैभव को नंबर 3 पर ही बल्लेबाजी करनी चाहिए या नहीं, लेकिन जो है सो है। आज वैभव के लिए यह एक चूक रही।"

यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब भारत पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के दौरान अपने बल्लेबाजी कॉम्बिनेशन को परख रहा है। सैमसन और अभिषेक के ओपनिंग करने की स्थिति में, सूर्यवंशी को टीम में कैसे फिट किया जाए, यह आने वाले मैचों में एक अहम सवाल होगा। खासकर तब, जब टीम इस युवा खिलाड़ी के आक्रामक अंदाज को बनाए रखना चाहती है और उसे किसी ऐसी भूमिका में नहीं डालना चाहती जो उसके लिए नई हो। सूर्यवंशी के संघर्ष के बावजूद, दूसरे टी20 में भारत के मिडिल और लोअर-मिडिल ऑर्डर ने काफी उम्मीदें जगाईं। तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी और नमन धीर ने अहम योगदान दिया, जिससे भारत ने न्यूजीलैंड के 180 रनों के लक्ष्य को हासिल कर लिया।


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