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पावरलिफ्टिंग में देश की झोली में आया एक और मेडल

नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में बुधवार को भारत के पावरलिफ्टिंग अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली। कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में 108 किलो का भार उठाते हुए मेडल पर कब्जा जमाया।

पावरलिफ्टिंग में देश की झोली में आया एक और मेडल
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नागोया, एशियन पैरा गेम्स 2026 में बुधवार को भारत के पावरलिफ्टिंग अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली। कस्तूरी राजामणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने अपने आखिरी प्रयास में 108 किलो का भार उठाते हुए मेडल पर कब्जा जमाया।

तमिलनाडु की रहने वाली 42 वर्षीय कस्तूरी राजामणि, उज्बेकिस्तान की रुखशोना उक्तामोवा के बाद दूसरे स्थान पर रहीं। उक्तामोवा ने 127 किलो का भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता। साउथ कोरिया की किम ह्योंगहुई ने 107 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

राजामणि ने प्रतियोगिता के दौरान लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 103 किलो का भार उठाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में वह 106 किलो का वजन उठाने में सफल रहीं। अपने आखिरी प्रयास में उन्होंने 108 किलो का वजन सफलतापूर्वक उठाया, जिससे उन्हें मेडल विजेताओं की सूची में जगह मिली।

सिल्वर मेडल के लिए मुकाबला आखिरी पलों तक रोमांचक बना रहा। साउथ कोरियाई एथलीट किम अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार नहीं कर सकीं, जिससे राजामणि उनसे आगे निकल गईं। दोनों के सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट के बीच केवल 1 किलो का अंतर निर्णायक साबित हुआ, जिसने भारतीय एथलीट को इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में दूसरा स्थान दिलाया।

यह मेडल राजामणि के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो एशियन पैरा गेम्स के पिछले संस्करण में पांचवें स्थान पर रही थीं। उनका यह हालिया प्रदर्शन खेल में उनकी प्रगति को दर्शाता है और उनके करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ता है। पोलियो के कारण अपने दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद, राजामणि ने कई व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना किया है। बचपन में ही उनकी मां का निधन हो गया था, जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी दादी ने किया। आइची-नागोया में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने अपने खेल सफर में एक नया अध्याय जोड़ा है। तमिलनाडु की इस एथलीट ने फाइनल राउंड में जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब बेहतरीन प्रदर्शन करके दिखाया।

राजामणि का यह मेडल इन खेलों में पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के लिए दूसरा मेडल है। इससे पहले, अशोक कुमार मलिक ने मंगलवार को पुरुषों की 65 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतकर इस खेल में देश के लिए इस स्पर्धा में मेडल का खाता खोला। मलिक ने पिछले संस्करण के मुकाबले अपने प्रदर्शन में सुधार किया, जहां उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।

मलिक के साथ अब राजामणि के भी मेडल विजेताओं में शामिल होने से महाद्वीपीय प्रतियोगिता में पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत की स्थिति और मजबूत हो गई है। 108 किलोग्राम वजन उठाने के उनके प्रयास ने न केवल उन्हें सिल्वर मेडल दिलाया, बल्कि उनके दृढ़ प्रदर्शन को भी साबित किया, जिसमें हर सफल प्रयास उन्हें पोडियम तक पहुंचाने में मददगार रहा।


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