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सौरव गांगुली का एक फैसला बना था धोनी के लिए वरदान, तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान

नई दिल्ली, भारत के सबसे सफल कप्तानों का जिक्र होता है, तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर आता है। धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर में हर वो बड़ी उपलब्धि हासिल की, जिसकी कल्पना एक क्रिकेटर करता है।

सौरव गांगुली का एक फैसला बना था धोनी के लिए वरदान, तीन आईसीसी ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान
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नई दिल्ली, भारत के सबसे सफल कप्तानों का जिक्र होता है, तो महेंद्र सिंह धोनी का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर आता है। धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर में हर वो बड़ी उपलब्धि हासिल की, जिसकी कल्पना एक क्रिकेटर करता है। बल्लेबाजी से लेकर कप्तानी तक में धोनी ने विश्व क्रिकेट में अपनी धाक जमाई और कई ऐसे मुकाम हासिल किए, जो हमेशा के लिए भारतीय क्रिकेट इतिहास में सुनहरेa अक्षरों में दर्ज हो गए।

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई, 1981 को रांची में हुआ। धोनी की क्रिकेट से पहचान उनके स्कूल के कोच केशव रंजन बनर्जी ने करवाई। दरअसल, स्कूल की क्रिकेट टीम में एक विकेटकीपर की जरूरत थी। कोच बनर्जी की नजर धोनी पर पड़ी, जो फुटबॉल में शानदार गोलकीपिंग कर रहे थे। उन्होंने धोनी को क्रिकेट टीम में बतौर विकेटकीपर जगह दी और इसके बाद माही का क्रिकेट के खेल से लगाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता चल गया। लगातार अच्छे प्रदर्शन की वजह से धोनी को रेलवे में टिकट कलेक्टर की नौकरी मिली,जहां वह नौकरी के बाद मैदान पर भी जाकर खूब पसीना बहाते थे।

घरेलू क्रिकेट और फिर भारत ए की तरफ से दमदार प्रदर्शन के बाद धोनी को भारतीय नेशनल टीम से बुलावा आया। हालांकि, दिसंबर, 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई शुरुआती वनडे सीरीज में धोनी बुरी तरह से फ्लॉप रहे। 3 पारियों में धोनी सिर्फ 19 रन ही बना सके। इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में भी धोनी सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हुए। 4 मैचों में लगातार नाकाम रहने के बाद हर किसी को लग रहा था कि धोनी को अगले मैच में ड्रॉप कर दिया जाएगा।

हालांकि, तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली ने धोनी पर अपना भरोसा कायम रखा और उन्होंने दूसरे वनडे मुकाबले में धोनी को नंबर तीन पर प्रमोट किया। इस मुकाबले में धोनी ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 123 गेंदों में 148 रनों की विस्फोटक पारी खेलते हुए विश्व क्रिकेट में अपने नाम की सनसनी फैलाई। कप्तान गांगुली का एक फैसला धोनी के लिए वरदान साबित हुआ और इसके बाद उन्होंने पीछे मुडकर नहीं देखा। धोनी ने तीनों फॉर्मेट को मिलाकर भारत के लिए खेले कुल 538 मुकाबलों में 17,266 रन बनाए। टेस्ट में धोनी ने 6 और वनडे में 10 शतक लगाए।

बल्लेबाजी के साथ-साथ बतौर कप्तान धोनी का रिकॉर्ड बेमिसाल रहा। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को साल 2007 में टी20 विश्व चैंपियन बनाया। इसके बाद धोनी की अगुवाई में ही भारतीय टीम ने साल 2008 में ऑस्ट्रेलिया की धरती पर कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज भी जीती। वहीं, साल 2011 में धोनी ने 28 साल का सूखा खत्म करते हुए भारत को वनडे विश्व कप का खिताब जिताया। 2013 में धोनी की ही कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को फाइनल में हराते हुए चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती। धोनी दुनिया और भारत के इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने तीन आईसीसी ट्रॉफी (टी20 और वनडे विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी) जीती है। धोनी ने 15 अगस्त, 2020 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था।


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