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'बल्लेबाजी के 20 साल का अनुभव आएगा काम': सहवाग

मुंबई, क्रिकेट के मैदान पर अपने बेबाक अंदाज और तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग अब एक बिल्कुल अलग मैदान में नजर आने वाले हैं।

बल्लेबाजी के 20 साल का अनुभव आएगा काम: सहवाग
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मुंबई, क्रिकेट के मैदान पर अपने बेबाक अंदाज और तेजतर्रार बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग अब एक बिल्कुल अलग मैदान में नजर आने वाले हैं। दरअसल, वह अब रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल' को होस्ट करते दिखेंगे। इस शो में उनके सामने क्रिकेट की तरह गेंद और बल्ला नहीं बल्कि अलग-अलग सोच और स्वभाव वाले कंटेस्टेंट होंगे। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में सहवाग ने कहा कि क्रिकेट में करीब 20 साल तक अलग-अलग तरह के लोगों के साथ काम करने का अनुभव उन्हें इस शो में काफी मदद करेगा।

आईएएनएस से बात करते हुए सहवाग ने कहा, ''जब पहली बार मुझे शो होस्ट करने का ऑफर मिला था, तब मैंने इसके लिए साफ मना कर दिया था कि मैं यह शो होस्ट नहीं कर सकता। दूसरी मुलाकात में मेकर्स ने मुझे शो के कुछ क्लिप दिखाए और समझाया कि मुझे किसी दूसरे होस्ट की तरह बनने की जरूरत नहीं है। मुझे उसी तरह रहना है, जैसे मैं क्रिकेट खेलते समय रहता हूं। उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया कि रिकॉर्डिंग के दौरान टीम मेरी मदद करेगी। यही बात मुझे काफी पसंद आई और मैंने शो के लिए हामी भर दी।''

सहवाग ने कहा, "मुझे शो का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसका अमीर और गरीब वाला कॉन्सेप्ट लगा। क्रिकेट कमेंट्री के दौरान भी मैं अक्सर अलग-अलग टीमों और खिलाड़ियों के बीच के फर्क की बात करता रहा हूं। हालांकि, मेरा मानना है कि खेल और एंटरटेनमेंट दो अलग चीजें हैं, लेकिन लोगों को समझने का अनुभव दोनों जगह काम आता है। अगर मैं शो को अपने ही अंदाज में होस्ट करूंगा तो शायद दर्शकों को भी कुछ अलग देखने को मिलेगा।"

उन्होंने कहा, "क्रिकेट में अपने 20 साल के करियर के दौरान मेरा सामना कई तरह के लोगों से हुआ। मैदान पर मैं हमेशा आक्रामक अंदाज में नहीं खेलता। कई बार टेस्ट मैच बचाने के लिए मुझे डिफेंस करना पड़ता था, वहीं वनडे में भी कभी-कभी पारी को धीमा करना पड़ता था। जिंदगी में भी ऐसा ही होता है। हर इंसान का स्वभाव अलग होता है। कोई बहुत गुस्से वाला होता है, कोई शांत रहता है, कोई प्यार से बात करता है तो कोई हर बात पर आक्रामक हो जाता है। इसलिए सामने वाले इंसान को समझकर उसके हिसाब से व्यवहार करना जरूरी है।"

उन्होंने कहा, ''मेरे लिए 'राइज एंड फॉल' एक मनोविज्ञान की तरह है। क्रिकेट टीम में रहते हुए अलग-अलग खिलाड़ियों की सोच को समझना मुझे आता है और यही अनुभव अब कंटेस्टेंट्स के साथ काम करते समय मदद करेगा। मैं लोगों के व्यवहार को देखकर यह समझने की कोशिश करूंगा कि किससे किस तरह बात करनी है और किस परिस्थिति में क्या रणनीति अपनानी चाहिए।''

सहवाग ने कहा, ''शो में मैं कंटेस्टेंट्स को पहले प्यार से समझाने की कोशिश करूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो डांट भी सकता हूं। मेरे लिए यही इस शो की चुनौती और मजेदार हिस्सा है। मेरे पास कोई ऐसी स्क्रिप्ट नहीं है, जिसे मुझे रटकर कैमरे के सामने बोलना पड़े। मैं सामने मौजूद व्यक्ति और परिस्थिति के हिसाब से बात करूंगा।''

उन्होंने कहा, ''कंटेस्टेंट्स को कुछ नियमों के अंदर रहना होगा। उन्हें टास्क समझना होगा, तय दायरे में रहना होगा और एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज या बेवजह लड़ाई नहीं करनी होगी। अगर कोई कंटेस्टेंट बार-बार समझाने के बाद भी नियम नहीं मानता है तो उसे शो से बाहर भेजने का अधिकार भी होस्ट के पास होगा। मैं पहले एक-दो मौके जरूर दूंगा, लेकिन इसके बाद जरूरत पड़ने पर सख्ती पर भी उतर सकता हूं।''

रियलिटी शोज की बढ़ती लोकप्रियता पर भी सहवाग ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, ''इस सवाल का बेहतर जवाब शो के प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और चैनल ही दे सकते हैं, क्योंकि मैंने खुद बहुत ज्यादा रियलिटी शो नहीं देखे हैं। मैं ज्यादातर सिंगिंग और डांसिंग शोज देखता हूं और उसमें बतौर गेस्ट भी जा चुका हूं। एंटरटेनमेंट में भी समय के साथ कुछ चीजें ट्रेंड बन जाती हैं और फिर दूसरे लोग भी उसी तरह के कॉन्सेप्ट पर काम करने लगते हैं।''


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