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दीपावली महोत्सव पर बाबा महाकाल को लगाया गया पारंपरिक उबटन

उज्जैन, दीपावली के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को भस्म आरती के दौरान अभ्यंग स्नान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। महाकालेश्वर मंदिर में दीपावली का जश्न पारंपरिक उबटन लगाने और भस्म आरती के दौरान अभ्यंग स्नान के साथ शुरू हुआ है।

दीपावली महोत्सव पर बाबा महाकाल को लगाया गया पारंपरिक उबटन
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उज्जैन, दीपावली के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को भस्म आरती के दौरान अभ्यंग स्नान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। महाकालेश्वर मंदिर में दीपावली का जश्न पारंपरिक उबटन लगाने और भस्म आरती के दौरान अभ्यंग स्नान के साथ शुरू हुआ है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर में दीप महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन बाबा महाकाल के रूप को उबटन के माध्यम से निखारा जाता है। उबटन सभी प्रकार की सुगंध और द्रव्यों से बनाई जाती है और भगवान को लगाई जाती है। आज से बाबा का गर्म जल से भी स्नान प्रारंभ हो गया है। यही वजह है कि इस उत्सव को बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है।

पुजारी ने बताया कि नए अन्न और नई सब्जी से बाबा का भोग लगाया जाता है, इसलिए इसे अन्नकूट महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार, भस्म आरती और शृंगार किया गया। मंदिर में फूलझड़ी छोड़ी गई है और पटाखे फोड़े गए हैं। भक्तों में दीप महोत्सव का उल्लास है और यहां से देशभर में दीपावली पर्व के लिए संदेश जाता है।

बता दें कि रविवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन हुए।

इसके बाद पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।

बाबा के इस स्वरूप के भक्तों को दर्शन होते ही 'जय श्री महाकाल' के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज पड़ा। झांझ-मंजीरे और डमरू की ध्वनि से बाबा की आरती की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध थे।

परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा महाकाल की इस अद्भुत आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं और दर्शन कर खुद को धन्य महसूस करते हैं।


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