करवा चौथ पर लाजपत नगर में उमड़ी भीड़
नई दिल्ली, करवा चौथ के पावन अवसर पर राजधानी दिल्ली के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है।

नई दिल्ली, करवा चौथ के पावन अवसर पर राजधानी दिल्ली के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। खासकर लाजपत नगर बाजार में मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुहागिन महिलाएं सुबह-सुबह ही बाजार पहुंचकर अपने हाथों पर मेहंदी के खूबसूरत डिजाइन बनवा रही हैं। करवा चौथ के शृंगार में मेहंदी का विशेष महत्व होता है और इसे सुहाग का प्रतीक माना जाता है।
बाजार में फुटपाथ पर कतार में बैठे मेहंदी आर्टिस्ट बारीक और आकर्षक डिजाइन बनाते नजर आए। महिलाओं में मेहंदी को लेकर इतना उत्साह है कि वे घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। किसी ने फूलों वाला डिजाइन बनवाया तो किसी ने दुल्हन स्टाइल में पूरे हाथ भरकर मेहंदी लगवाई।
बाजार में मेहंदी लगवा रही एक महिला ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि वह सुबह पहले मंदिर गईं और उसके बाद मेहंदी लगवाने आई हैं। उन्होंने कहा, "कल तो टाइम ही नहीं था, नंबर ही नहीं आया, इतनी भीड़ थी इसलिए घर वापस चले गए। फिर अभी मैंने आते हुए उनको देखा कि वो लोग बैठे हुए हैं तो मैंने कहा अभी लगवा लेती हूं, क्योंकि शगुन तो करना ही है।"
करवा चौथ की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि तैयारियां तो बहुत पहले से शुरू हो जाती हैं। कम से कम हफ्ते-दस दिन से, जैसे ही गणेश चतुर्थी का त्योहार खत्म होता है उसके बाद से ये करवा चौथ के लिए हम लोग तैयारी करना शुरू कर देते हैं। कपड़े बनवाने होते है, फिर सारी उसकी मैचिंग ज्वेलरी चाहिए, चूड़ियां चाहिए, उसका टाइम तो लगता ही है इसलिए पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं।"
उन्होंने कहा कि अब मेहंदी लग गई है तो अब आराम से बैठेंगी और शाम के लिए तैयारी करेंगी।
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। मेहंदी, चूड़ियां, सिंदूर और सोलह शृंगार इस पर्व का अभिन्न हिस्सा हैं। यही वजह है कि करवा चौथ से दो-तीन दिन पहले से बाजारों में मेहंदी लगाने वालों के पास भीड़ लगनी शुरू हो जाती है।


