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शिरडी में श्री साईबाबा के 108वें पुण्यतिथि उत्सव

शिरडी, महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल शिरडी में श्री साईबाबा की समाधि की 108वीं पुण्यतिथि पर आयोजित दशहरा उत्सव का मुख्य दिवस मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर पूरी साईनगरी भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है।

शिरडी में श्री साईबाबा के 108वें पुण्यतिथि उत्सव
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शिरडी, महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल शिरडी में श्री साईबाबा की समाधि की 108वीं पुण्यतिथि पर आयोजित दशहरा उत्सव का मुख्य दिवस मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर पूरी साईनगरी भक्तिमय माहौल में डूबी हुई है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु अपने आराध्य साईबाबा के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए शिरडी पहुंच रहे हैं। साई नाम के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा है।

श्री साईबाबा की समाधि का 108वां पुण्यतिथि उत्सव 19 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक पारंपरिक धार्मिक विधियों और श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया जा रहा है। उत्सव के मुख्य दिन मंगलवार को साई दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की चहल-पहल दिखाई दे रही है। श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

उत्सव के मुख्य दिन मंगलवार सुबह श्री साईबाबा समाधि मंदिर से बाबा की प्रतिमा और पोथी की सवाद्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज, भक्ति गीतों और साई नाम के जयघोष के बीच निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में साईभक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शोभायात्रा के दौरान ‘साईबाबा की जय’ के जयघोष से साईनगरी गूंजती रही। बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भक्ति शोभायात्रा में स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उत्सव के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर भक्त आध्यात्मिक शांति और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

श्री साईबाबा ने 15 अक्टूबर 1918 को विजयादशमी के दिन महासमाधि ली थी। इसी कारण दशहरा का पर्व साईभक्तों के लिए विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। हर वर्ष इस अवसर पर शिरडी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और बाबा की समाधि के दर्शन कर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।

पुण्यतिथि उत्सव के दौरान पूजा-अर्चना, भजन, कीर्तन, पालकी और शोभायात्रा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से साईबाबा की शिक्षाओं, मानवता, सेवा, प्रेम और श्रद्धा के संदेश को भी स्मरण किया जाता है।

उत्सव के मुख्य दिन श्रद्धालुओं की सुविधा और बाबा के दर्शन के लिए श्री साईबाबा समाधि मंदिर मंगलवार, 20 अक्टूबर को 24 घंटे खुला रहेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

साई नाम के अखंड जयघोष, धार्मिक अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी के बीच पूरी शिरडी नगरी साईमय हो गई है। भक्तों का उत्साह और बाबा के प्रति उनकी अटूट आस्था उत्सव की भव्यता को और बढ़ा रही है। अपने आराध्य श्री साईबाबा के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं का शिरडी पहुंचने का सिलसिला जारी है।


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