शिक्षाकर्मी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान दें: रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने शिक्षाकर्मियों से कहा है कि शिक्षक के रूप में उनका संविलियन करके सरकार ने अपना काम कर दिया है,अब वे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान दें

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने शिक्षाकर्मियों से कहा है कि शिक्षक के रूप में उनका संविलियन करके सरकार ने अपना काम कर दिया है,अब वे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर अपना पूरा ध्यान दें।
डॉ. सिंह आज सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियोवार्ता ’रमन के गोठ’ की 35वीं कड़ी में प्रदेशवासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और शैक्षणिक प्रबंधन में एकरूपता लाने के लिए पंचायत शिक्षकों और नगरीय निकाय शिक्षकों का संविलियन अर्थात शासकीयकरण स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत निर्णय लिया गया है।
पहले चरण में एक लाख 03 हजार ऐसे शिक्षकों का संविलियन किया जाएगा, जिनकी सेवाएं एक जुलाई 18 को आठ साल पूरी हो चुकी हैं। इसके बाद अगले क्रम में आठ वर्ष पूर्ण करते जाने वाले शिक्षकों का भी भविष्य में संविलियन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमने केबिनेट के निर्णय के सिर्फ 12 दिन के भीतर एक लाख तीन हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं का संविलियन आदेश जारी कर दिया, जिससे उन्हें एक जुलाई 18 से शासकीयकरण का लाभ मिलेगा।इन सभी को अब नियमित शिक्षकों की तरह सातवें वेतन आयोग के समान वेतनभत्ते और अनुकम्पा नियुक्ति, पदोन्नति तथा स्थानांतरण जैसी अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।
संविलियन के बाद स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पदोन्नति की भी कार्रवाई की जाएगी। इनके वेतन में सात हजार रूपए से लेकर 12 हजार रूपए तक वृद्धि होगी।
डा.सिंह ने कहा कि संविलियन पर 1346 करोड़ रूपए का अनुमानित व्यय भार आएगा, जिसका प्रबंध विधानसभा में प्रथम अनुपूरक बजट पारित कराते हुए कर लिया गया है। उन्होने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था और उसके प्रबंधन के लिए कई निर्णय लिए गए हैं,पहली से दसवीं कक्षा तक सभी बच्चों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जा रहा है।


