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वर्ल्ड बैंक ने भारत के सोलर रूफटॉप कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता को दी मंजूरी

नई दिल्ली, वर्ल्ड बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने भारत के राष्ट्रीय रूफटॉप सोलर कार्यक्रम को गति देने के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है।

वर्ल्ड बैंक ने भारत के सोलर रूफटॉप कार्यक्रम के लिए वित्तीय सहायता को दी मंजूरी
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नई दिल्ली, वर्ल्ड बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने भारत के राष्ट्रीय रूफटॉप सोलर कार्यक्रम को गति देने के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य देश के लाखों घरों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाना और नवीकरणीय ऊर्जा (रेनेवेबल एनर्जी) के विनिर्माण, इंस्टॉलेशन और सेवा क्षेत्र में करीब 17 लाख (1.7 मिलियन) रोजगार के अवसर पैदा करना है।

भारत ने 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन हासिल करने और 2035 तक बिजली उत्पादन में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य तय किया है।

हालांकि, बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं में तेजी से प्रगति हुई है, लेकिन घरेलू रूफटॉप सोलर को अपनाने की रफ्तार अभी अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसी संभावना को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' शुरू की है, जिसका लक्ष्य देश के 1 करोड़ ग्रामीण और शहरी परिवारों को अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित करना, बिजली का खर्च कम करना और सोलर उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

विश्व बैंक के भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा, "वर्ल्ड बैंक पिछले एक दशक से भारत के रूफटॉप सोलर क्षेत्र का समर्थन कर रहा है। इस दौरान 2 अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय सहायता जुटाई गई, जिससे देश की स्थापित रूफटॉप सोलर क्षमता 500 मेगावाट से बढ़कर 27 गीगावाट से अधिक हो गई है।"

उन्होंने कहा, "नई वित्तीय सहायता से भारत में घरेलू रूफटॉप सोलर को बड़े स्तर पर बढ़ावा मिलेगा और पूरी सप्लाई चेन तथा इंस्टॉलेशन इकोसिस्टम में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।"

इस कार्यक्रम के लिए मंजूर किए गए वित्तीय पैकेज में इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) की ओर से 82 करोड़ डॉलर (820 मिलियन डॉलर) का ऋण, क्लीन टेक्नोलॉजी फंड से 6 करोड़ डॉलर (60 मिलियन डॉलर) का रियायती ऋण और आईबीआरडी के लिवेबल प्लैनेट फंड से 1 करोड़ डॉलर (10 मिलियन डॉलर) का अनुदान शामिल है।

इसके अलावा, विश्व बैंक इस योजना के लिए 4.2 अरब डॉलर की निजी वित्तीय सहायता भी जुटाएगा। यह राशि वाणिज्यिक बैंकों के जरिए ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे परिवारों के लिए अपने घरों पर सोलर रूफटॉप लगाना आसान हो सकेगा।

कार्यक्रम के टास्क टीम लीडर मोएज शरीफ ने कहा, "यह कार्यक्रम वित्तीय बाधाओं को दूर करके घरेलू रूफटॉप सोलर बाजार में बड़ा बदलाव लाएगा। साथ ही बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम), बैंकों और विक्रेताओं की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, ताकि वे लोगों को एकीकृत और बेहतर सेवाएं दे सकें।"

उन्होंने कहा कि बिना किसी गिरवी के उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की मदद से अधिक से अधिक परिवार अपने घरों में सोलर सिस्टम लगा सकेंगे और हर महीने आने वाले बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी ला सकेंगे।


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