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वित्तीय रिपोर्ट की निगरानी के लिए सरकार ने शुरू की नई एआई पहल

वित्तीय रिपोर्टों की गुणवत्ता पर नजर रखने और सरकारी कामकाज को तेज करने के लिए सरकार ने एक नई एआई पहल की है। इस पहल का नाम 'इंडिया एआई फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कंप्लायंस चैलेंज' रखा गया है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से ऐसे डिजिटल समाधान तैयार करना है, जो वित्तीय रिपोर्टिंग की जांच आसान और तेज बना सकें।

वित्तीय रिपोर्ट की निगरानी के लिए सरकार ने शुरू की नई एआई पहल
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नई दिल्ली। वित्तीय रिपोर्टों की गुणवत्ता पर नजर रखने और सरकारी कामकाज को तेज करने के लिए सरकार ने एक नई एआई पहल की है। इस पहल का नाम 'इंडिया एआई फाइनेंशियल रिपोर्टिंग कंप्लायंस चैलेंज' रखा गया है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से ऐसे डिजिटल समाधान तैयार करना है, जो वित्तीय रिपोर्टिंग की जांच आसान और तेज बना सकें।

यह पहल नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (एनएफआरए) और इंडियाएआई की साझेदारी से शुरू की गई है, जिसके तहत एआई आधारित नए विचार और तकनीक विकसित करने के लिए कंपनियों और स्टार्टअप्स को आमंत्रित किया गया है।

इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए कुल 1.5 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया है। वर्चुअल चरण में चुनी गई 10 टीमों को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे।

इसके अलावा, एक विजेता टीम को एनएफआरए के साथ दो साल का कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए तक हो सकती है। इस तकनीक का उपयोग पूरे देश में किया जाएगा।

इस चैलेंज में भारतीय कंपनियां और डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हिस्सा ले सकते हैं। प्रतिभागियों को ऐसा एआई सिस्टम बनाना होगा, जो अलग-अलग तरह की फाइलों से जानकारी निकाल सके और तय नियमों के अनुसार उनकी जांच कर सके।

इस पहल के तहत एआई से तैयार रिपोर्ट यह बताएगी कि वित्तीय नियमों का पालन हुआ है या नहीं। इसके साथ ही जोखिम से जुड़े संकेत, स्वचालित विश्लेषण और एआई आधारित जानकारी देने वाला चैट सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 22 फरवरी 2026 तय की गई है।

पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के एआई स्टार्टअप्स से कहा था कि उनके एआई मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी और डेटा सुरक्षा पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सस्ती और सबको साथ लेकर चलने वाली एआई तकनीक दुनिया को दे सकता है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत के एआई मॉडल अलग पहचान वाले होने चाहिए और इनमें स्थानीय भाषा, संस्कृति और भारतीय सामग्री को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने एआई को समाज में बड़ा बदलाव लाने वाली तकनीक बताया।

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि भारत अगले महीने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी करेगा, जिससे तकनीक के क्षेत्र में भारत की भूमिका और मजबूत होगी।

पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के पास नए विचारों के साथ-साथ उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने की भी पूरी क्षमता है।


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