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तेलंगाना कैबिनेट अब पूरी तरह डिजिटल, सभी मंत्रियों को टैबलेट वितरित

हैदराबाद, तेलंगाना सरकार ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठकों को पूरी तरह कागज रहित (पेपरलेस) बनाने का फैसला किया है। इस संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित विशेष मंत्रिमंडल बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

तेलंगाना कैबिनेट अब पूरी तरह डिजिटल, सभी मंत्रियों को टैबलेट वितरित
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हैदराबाद, तेलंगाना सरकार ने राज्य मंत्रिमंडल की बैठकों को पूरी तरह कागज रहित (पेपरलेस) बनाने का फैसला किया है। इस संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित विशेष मंत्रिमंडल बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने तेलंगाना डिजिटल कैबिनेट प्रणाली को लागू करने को मंजूरी दे दी है।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और सभी मंत्रियों को विशेष टैबलेट वितरित किए। मुख्यमंत्री ने स्वयं डिजिटल कैबिनेट प्रणाली के संचालन का निरीक्षण भी किया।

नई व्यवस्था के तहत अब मंत्रिमंडल की बैठकें पूरी तरह पेपरलेस होंगी, जिससे कार्यकुशलता, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रिमंडल की बैठक का एजेंडा और अन्य जरूरी दस्तावेज अब इन टैबलेट के माध्यम से मंत्रियों को उपलब्ध कराए जाएंगे।

गुरुवार की बैठक में मुख्य सचिवों और अन्य अधिकारियों को आमंत्रित नहीं किया गया था। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

तेलंगाना का मंत्रिमंडल पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के लगभग दो वर्ष बाद पेपरलेस प्रणाली अपना रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 28 अगस्त 2024 को मंत्रिपरिषद की बैठक को पूरी तरह डिजिटल बनाते हुए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू की थी।

आंध्र प्रदेश में मंत्रियों को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-कैबिनेट एप्लिकेशन से युक्त आईपैड उपलब्ध कराए गए थे।

वर्ष 2014 से 2019 के बीच तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) सरकार के दौरान भी आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठकें पेपरलेस होती थीं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 2014 में, राज्य के विभाजन के बाद मुख्यमंत्री बनने के करीब 100 दिन बाद, ई-कैबिनेट बैठकों की शुरुआत की थी।

हालांकि बाद में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार ने ई-बैठकों की इस व्यवस्था को बंद कर दिया था। इस बार कई नई सुविधाओं और पूर्ण डिजिटल कार्यप्रवाह के साथ एक व्यापक ई-कैबिनेट एप्लिकेशन विकसित किया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि पेपरलेस व्यवस्था पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यकुशलता भी बढ़ाती है। ई-कैबिनेट एप्लिकेशन के माध्यम से मंत्रियों को कहीं भी और कभी भी आवश्यक दस्तावेजों और संबंधित सूचनाओं तक ऑनलाइन पहुंच मिल सकेगी।


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