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रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए स्वदेशी रियल टाइम एआई प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल (एआई) आधारित उन्नत समाधान विकसित करने वाले भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप ब्लर्ग्स एआई ने 22 लाख अमेरिकी डॉलर की फंडिंग जुटाई है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा के लिए स्वदेशी रियल टाइम एआई प्लेटफॉर्म
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नई दिल्ली, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल (एआई) आधारित उन्नत समाधान विकसित करने वाले भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप ब्लर्ग्स एआई ने 22 लाख अमेरिकी डॉलर की फंडिंग जुटाई है। आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों के इस स्टार्टअप की तकनीक का उपयोग भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं जैसे महत्वपूर्ण संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

आईआईटी के छात्रों का यह स्टार्टअप अब नई पूंजी के साथ अपने एआई-संचालित इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म का वैश्विक विस्तार करने की तैयारी में है। रक्षा, मैरीटाइम ऑपरेशन्स, पोर्ट्स व शिपयार्ड्स में ऑपरेशनल इंटेलिजेंस देता है। इसका उद्देश्य दुश्मन की गतिविधियों और खतरों पर नजर रखना है। चेन्नई और बेंगलुरु से संचालित ब्लर्ग्स एआई रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा वाणिज्यिक समुद्री क्षेत्रों के लिए ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है जो वास्तविक समय में जानकारी जुटाने, उसका विश्लेषण करने और निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं।

रक्षा क्षेत्र में कंपनी की तकनीक खतरे की पहचान, विरोधी गतिविधियों की निगरानी तथा विभिन्न परिचालन क्षेत्रों में लगातार स्थितिजन्य जागरूकता बनाए रखने में मदद करती है। इन प्रणालियों का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य कमांडरों को अधिक सटीक, तेज और भरोसेमंद निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। स्टार्टअप के अनुसार आज के समय में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां अधिक जटिल और बहुआयामी होती जा रही हैं।

ऐसे में केवल सूचना एकत्र करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बड़ी मात्रा में उपलब्ध आंकड़ों में से महत्वपूर्ण संकेतों की पहचान कर उन्हें उपयोगी परिचालन जानकारी में बदलना भी आवश्यक है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ऐसे समाधान विकसित किए जा रहे हैं जो जटिल परिस्थितियों को समझने और संभावित खतरों का समय रहते आकलन करने में सहायता करते हैं। रक्षा क्षेत्र के अलावा कंपनी समुद्री वाणिज्यिक क्षेत्र में भी सक्रिय है।

इसके प्लेटफॉर्म बंदरगाहों, जहाजी बेड़ों, शिपयार्डों और मत्स्य क्षेत्र को वास्तविक समय की परिचालन जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इससे संचालन की दक्षता बढ़ाने, नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग में सहायता मिलती है। चूंकि वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों के माध्यम से संचालित होता है, इसलिए इस क्षेत्र में उन्नत डिजिटल समाधान की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

आईआईटी के पूर्व छात्रों के अनुसार भारतीय रक्षा एवं सुरक्षा संस्थानों के अलावा मुंबई पोर्ट प्राधिकरण, दुबई मैरीटाइम सिटी और द नेचर कंजरवेंसी ग्रुप जैसे संगठन भी उनसे एआई समाधान प्राप्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि स्टार्टअप ने संस्थागत निवेश प्राप्त करने से पहले ही विभिन्न देशों और क्षेत्रों में अपना आधार स्थापित कर लिया था, जो उसकी तकनीकी क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।

स्टार्टअप की स्थापना आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्रों रोशन राज मोहंती और डॉ. अविनाश कोरी ने की है। रोशन राज मोहंती ने बताया कि महासागर पहले से कहीं अधिक जुड़े हुए, प्रतिस्पर्धी और व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे समय में सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का भविष्य वास्तविक समय, विश्वसनीय और मजबूत इंटेलिजेंस पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि वे भारत में विकसित ऐसे डीप-टेक प्लेटफॉर्म तैयार कर रहे हैं जो विभिन्न देशों, उद्योगों और समुदायों को बेहतर समझ, तेज निर्णय और अधिक आत्मविश्वास के साथ संचालन करने में मदद करते हैं।


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