कांग्रेस सत्ता में आई तो कृषि कानून होंगे खत्म- राहुल गांधी
किसानों के साथ मुलाकात में राहुल गांधी ने ऐलान किया कि में केंद्र जब भी कांग्रेस की सरकार बनी वो मोदी सरकार द्वारा पास किए गए तीनों कृषि बिलों को समाप्त कर देंगे

लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस मुख्य विपक्ष की भूमिका में भी नहीं आ सकी है. इसी का फायदा उठाकर बीजेपी अक्सर अपनी मनमानी करती है. लेकिन अब हाथरस मामले और कृषि बिल को लेकर कांग्रेस ने ऐसा रुख अख्तियार किया कि सरकार हिल गई है. यूपी से लेकर पंजाब-हरियाणा तक बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया…हाथरस में गाड़ी में सवार होकर जब भाई-बहन पीड़ित परिवार से मिलने निकले, तब योगी के कदमों से जमीन खिसक गई. अब राहुल ट्रैक्टर पर सवार होकर हरियाणा के लिए निकल रहे हैं, तब खट्टर सरकार में खलबली मच रही है. इसीलिए योगी की तरह खट्टर सरकार ने भी नो एंट्री का बोर्ड लगा दिया है… दरअसल कांग्रेस पार्टी ने आज पंजाब के मोगा जिले से 'खेती बचाओ' अभियान शुरू कर दिया है और इस तीन दिवसीय अभियान का नेतृत्व पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी कर रहे हैं. इस अभियान के दौरान राहुल गांधी अन्नदाताओं से मिल रहे हैं. किसानों के साथ मुलाकात में राहुल गांधी ने ऐलान किया कि में केंद्र जब भी कांग्रेस की सरकार बनी वो मोदी सरकार द्वारा पास किए गए तीनों कृषि बिलों को समाप्त कर देंगे. कृषि बिल के खिलाफ सिर्फ कांग्रेस ही नहीं है. बल्कि देश का किसान भी सरकार से कह रहा है कि यदि उनकी फसल को निजी कंपनियों के रहमो करम पर छोड दिया जाएगा तो उनके लिए खेती नुकसान का सौदा बन जाएगी. सरकार यदि इस बिल को किसान समर्थक ही मानती है तो फिर एमएसपी को लेकर कानून भी बना दे और इसे संसद में पास कराया जाए. जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने की गारंटी हो. सरकार की ओर से दावा तो किया जा रहा है कि एमएसपी को हटाया नहीं जाएगा लेकिन कानून बनाने की मांग मानने को वो तैयार नहीं है. इसलिए किसानों का विरोध भी बढ़ता जा रहा है. पंजाब के साथ ही हरियाणा, तमिलनाडु में भी किसान सड़क पर उतर रहे हैं. कांग्रेस शासित राज्य सरकारें इन बिलों को निष्प्रभावी करने के लिए कानून बनाने पर विचार कर रही है.


