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श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया: सीएम सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया: सीएम सैनी
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पठानकोट। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने रविवार को कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सबसे बड़ा बलिदान दिया।

पंजाब के पठानकोट में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जो आवाज उठाई थी और जो सपना देखा था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर पूरा किया। आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत का तिरंगा शान से लहरा रहा है।"

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पठानकोट "सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि 'भारत माता' की उत्तरी सीमा है। यह बहादुर योद्धाओं, शहीदों, देशभक्तों और देश के उन महान सपूतों की धरती है जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया। यहां की मिट्टी में वीरता की महक है और हवा में देशभक्ति का जज्बा घुला हुआ है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास कुछ हस्तियों को सिर्फ किताबों के जरिए ही नहीं, बल्कि उन पीढ़ियों के जरिए भी याद रखता है जो उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाती हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऐसे ही दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की एकता, अखंडता, आत्म-सम्मान और राष्ट्रीय चेतना के लिए समर्पित कर दिया। वे न केवल अपने समय के नेता थे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक थे।

उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी न केवल एक जाने-माने शिक्षाविद थे, बल्कि एक बेहतरीन राजनेता भी थे।

उन्होंने बताया कि सिर्फ 33 साल की उम्र में श्यामा प्रसाद मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर बने।

मुख्यमंत्री ने कहा, "बंगाल के लोग उनका बहुत सम्मान और स्नेह करते थे और उन्हें 'बंगाल का शेर' कहकर बुलाते थे।

उन्होंने कहा कि जिस मिशन के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपनी जान दी, वह 5 अगस्त 2019 को पूरा हुआ, जब प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 को हटा दिया।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 सालों में, सरकार की अलग-अलग योजनाओं के जरिए लाखों गरीब परिवारों को पक्के घर मिले हैं। आयुष्मान भारत योजना के जरिए गरीब और जरूरतमंद नागरिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा मिली है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में चिरायु योजना को आयुष्मान भारत के साथ जोड़कर हेल्थकेयर सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है।


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