Top
Begin typing your search above and press return to search.

'राहुल गांधी से बयान दिला दें कि टाइटलर भी दोषी है', 1984 दंगों पर चरणजीत सिंह चन्नी को भाजपा नेता की चुनौती

1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सजायाफ्ता रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार पर चरणजीत सिंह चन्नी की टिप्पणी के बाद भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चन्नी को चुनौती देते हुए

राहुल गांधी से बयान दिला दें कि टाइटलर भी दोषी है, 1984 दंगों पर चरणजीत सिंह चन्नी को भाजपा नेता की चुनौती
X

नई दिल्ली। 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सजायाफ्ता रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार पर चरणजीत सिंह चन्नी की टिप्पणी के बाद भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने चन्नी को चुनौती देते हुए कहा कि वे राहुल गांधी के पंजाब दौरे के समय उनसे जगदीश टाइटलर पर भी बयान दिलाएं।

कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "चरणजीत सिंह चन्नी सेलेक्टिव बयान देते हैं। वह कहते हैं कि सज्जन कुमार दोषी थे, उनकी सजा सही थी और उन्हें गोली मार देनी चाहिए थी, लेकिन वह टाइटलर के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करते।"

आरपी सिंह ने कहा कि जगदीश टाइटलर भी उतने ही दोषी हैं, जितने सज्जन कुमार थे, लेकिन टाइटलर का उनकी पार्टी रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करती है। अगर उन्हें सच में दुख हुआ है और इस बात से इतना गहरा एहसास है, तो उन्हें राहुल गांधी को एक लेटर लिखना चाहिए। राहुल गांधी पंजाब आ रहे हैं, ऐसे में उनसे यह बयान दिला दें कि टाइटलर भी दोषी है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी कुल मिलाकर मिली-जुली भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कांग्रेस का एक नेता कहता है कि सज्जन कुमार रोल मॉडल है और दूसरा नेता कहता है कि गोली मार देनी चाहिए।

दरअसल, सज्जन कुमार पर कांग्रेस में मतभेद देखा गया है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सज्जन कुमार को 'रोल मॉडल' बताया था, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी ने इस बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि सज्जन कुमार सिख कौम का कातिल था।

इसी बीच, आरपी सिंह ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बारे में एफबीआई की ओर से जारी नए ऑडियो पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "इस नए खुलासे से यह साफ हो जाता है कि निज्जर की हत्या एक गैंग वॉर और वहां के ड्रग व्यापार से जुड़ी थी। ऐसा लगता है कि जस्टिन ट्रूडो, जो उस समय कनाडा के प्रधानमंत्री थे, ने भारत के खिलाफ बेबुनियाद और गंभीर आरोप लगाए, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध खराब हुए। उन्होंने ऐसा एक खालिस्तानी ग्रुप के दबाव में किया, क्योंकि उनकी सरकार सत्ता में बने रहने के लिए उस ग्रुप के सपोर्ट पर निर्भर थी, क्योंकि वह एक अल्पमत सरकार थी।"

आरक्षण को लेकर आरपी सिंह ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान का भी समर्थन किया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "चिराग पासवान बिल्कुल सही कह रहे हैं कि आरक्षण कोई खैरात नहीं है। देश में अभी भी आरक्षण की जरूरत है और यह एक संवैधानिक अधिकार भी है।"



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it