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अकाल तख्त साहिब और बेअदबी कानून पर होगी चर्चा : गुरचरण सिंह ग्रेवाल

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने अकाल तख्त के मुद्दों और बेअदबी-रोधी कानून पर अहम बैठकों के बारे में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की।

अकाल तख्त साहिब और बेअदबी कानून पर होगी चर्चा : गुरचरण सिंह ग्रेवाल
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अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने अकाल तख्त के मुद्दों और बेअदबी-रोधी कानून पर अहम बैठकों के बारे में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की।

उन्होंने शनिवार को कहा कि पंथ से जुड़े हर विषय पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई जाती है। इसकी अहमियत बड़ी है। अकाल तख्त साहिब और बेअदबी कानून सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। सभी मेंबर यहां पर पहुंच चुके हैं। इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पंथ के हित के लिए फैसले लिए जाएंगे।

उनके मुताबिक, सिख पंथ सरबत के हित के लिए फैसले लेता है। सिख समुदाय ग्रेवाल के हित की बात करता है। जो गलत है, हम उसके खिलाफ हैं, इंदिरा गांधी ने जो किया, उन्हें उसका फल मिला। देशभर में जितने भी गुरुद्वारे हैं, उसे लेकर सिख समुदाय के लोगों में श्रद्धा है, चाहे वो पाकिस्तान के गुरुद्वारे ही क्यों नहीं हों। हम लोग इसी बात की पैरोकारी करते हैं कि हमें सभी गुरुद्वारे में जाना है, क्योंकि यह हमारी आस्था से जुड़ा विषय है, लेकिन अफसोस की बात है कि कुछ लोग जानबूझकर भड़काऊ बातें कर रहे हैं। ये लोग सिख समुदाय को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। बहुत संभव है कि यह लोग सरकार की शह पर ऐसा काम कर रहे हैं। लेकिन, सरकार को समझना होगा कि यह टकराव अच्छा नहीं होगा। यह उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश दोनों ही राज्यों के लिए बुरा होगा।

इसके अलावा, गुरुचरण सिंह ग्रेवाल ने सीएम भगवंत मान प्रकरण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर आपको भगवंत मान को समर्थन करना है, तो खुलकर कीजिए। झंडा उठाओ और कहो कि हम भगवंत मान के साथ हैं। लेकिन, अफसोस की बात है कि ये लोग ऐसा नहीं करेंगे। ये सभी दिग्भ्रमित करने की कोशिश करने लगते हैं।

वहीं, उन्होंने सुखबीर सिंह बादल के संदर्भ में भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल एक राजनीतिक दल के नेता हैं। उनके विरोध में टिप्पणी चलती रहती है। आज बात अकाल तख्त की हो रही है, तो उस पर बात होनी चाहिए। हम चाहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं हो, जिससे अकाल तख्त विरोधी को किसी भी प्रकार का कोई फायदा मिले।


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