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राजनीतिक मकसद से सीबीआई की छापेमारी, भाजपा पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही: सीएम मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हाल ही में सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक मकसद से की गई थी और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।

राजनीतिक मकसद से सीबीआई की छापेमारी, भाजपा पंजाब चुनाव की तैयारी कर रही: सीएम मान
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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हाल ही में सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक मकसद से की गई थी और दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने कई जगहों पर तलाशी ली, जिनमें चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस, घराचों गांव में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन का घर और मोहाली में घुमन के एक करीबी रिश्तेदार का घर शामिल है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार और उसके अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीबीआई जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स ' पर एक पोस्ट में दावा किया कि भाजपा ने पंजाब चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और उनके कैंप ऑफिस में सीबीआई की कार्रवाई को उसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों से उनकी सरकार को मिल रहे समर्थन से भाजपा परेशान है।

मान ने दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य सरकार और उसके नेतृत्व की छवि खराब करने के मकसद से किया जा रहा है।

ये आरोप पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आए, जिसमें कोर्ट ने सीबीआई को मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर घुमन और अन्य लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में केस दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था।

इससे पहले ईडी ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को तीन पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि घुमन और उनके सहयोगी नितिन गोहल और बीर देविंदर भ्रष्टाचार से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे।

मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी एजेंसी ने आरोप लगाया कि वे प्रशासनिक तबादलों, पोस्टिंग और सरकारी टेंडरों में दखल दे रहे थे, और एजेंसी ने एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी।

जब पंजाब पुलिस ने ईडी की सूचनाओं के आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, तो वकील निखिल सराफ ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करके सीबीआई जांच की मांग की।

याचिका में सराफ ने तर्क दिया कि ईडी के पत्रों में पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। उन्होंने पंजाब पुलिस और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।

याचिकाकर्ता ने कथित मनी ट्रेल (पैसे के लेनदेन) की जांच और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की भी मांग की। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और जांच एजेंसियों या अदालत ने अभी तक कोई नतीजा नहीं निकाला है।


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