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'भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित है', पंजाब के मंत्री ने विधानसभा को बताया

पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने भाखड़ा बांध की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर लगाई जा रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की जरूरत नहीं है।

भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित है, पंजाब के मंत्री ने विधानसभा को बताया
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चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गुरुवार को भाखड़ा बांध की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर लगाई जा रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और घबराने की जरूरत नहीं है।

कैबिनेट मंत्री ने विधानसभा में 'जीरो आवर' के दौरान बोलते हुए कहा कि भ्रामक खबरों ने जनता के बीच बेवजह डर पैदा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध में होने वाली मामूली हलचल (मूवमेंट) इसके इंजीनियरिंग डिजाइन का ही एक अहम हिस्सा है।

गोयल ने मीडिया की उन खबरों का जिक्र करते हुए, जिनमें दावा किया गया था कि भाखड़ा बांध झुक गया है, कहा कि इन भ्रामक खबरों ने पंजाब के लोगों में बेवजह घबराहट पैदा की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बांध दुनिया के बेहतरीन इंजीनियरिंग अजूबों में से एक है और इसे वैश्विक स्तर पर सराहा गया है। अमेरिका और कनाडा जैसे देशों की विशेषज्ञ टीमों ने भी इसके मजबूत डिजाइन और इंजीनियरिंग मानकों को माना है।

मंत्री ने समझाया कि बांध को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पानी का दबाव बढ़ने पर इसमें थोड़ी हलचल हो और दबाव कम होने पर यह अपनी मूल स्थिति में वापस आ जाए। उन्होंने कहा कि बताई गई 1.03 इंच की हलचल बांध के इंजीनियरिंग डिजाइन के मानकों के दायरे में ही है। 1995 और 2025 के बीच ऐसी हलचल 15 बार दर्ज की गई और हर बार यह ढांचा बिना किसी सुरक्षा चिंता के अपनी सामान्य स्थिति में लौट आया।

गोयल ने कहा कि 2025 में देखी गई हालिया हलचल भी बांध के सामान्य संरचनात्मक व्यवहार का ही हिस्सा थी और इससे किसी संरचनात्मक कमजोरी या खतरे का संकेत नहीं मिलता। उन्होंने फिर दोहराया कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है।

गाद (सिल्ट) जमा होने से जुड़ी चिंताओं पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमा हुई गाद बांध की दीवार से लगभग 12 किलोमीटर ऊपर की ओर (अपस्ट्रीम) है और इसका बांध की संरचनात्मक स्थिरता से कोई लेना-देना नहीं है।

गोयल ने माना कि लगभग 26 प्रतिशत गाद जमा होने से जलाशय की भंडारण क्षमता कम हुई है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका बांध की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि गाद हटाने (डीसिल्टिंग) की जिम्मेदारी भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) और केंद्र सरकार की है।

उन्‍होंने कहा कि पंजाब ने बीबीएमबी की बैठकों में लगातार गाद हटाने का मुद्दा उठाया है।

उन्होंने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में बीबीएमबी और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जल्द से जल्द गाद हटाने (डिसिल्टिंग) का काम करने का आग्रह किया है, क्योंकि यह उनकी जिम्मेदारी है।

मंत्री ने कहा कि गाद हटाने से जलाशय की भंडारण क्षमता फिर से बढ़ जाएगी और पानी की उपलब्धता में भी सुधार होगा।


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