प्रदूषण से पंजाब को जल्द मिलेगी मुक्ति: अमरिंदर
अमरिंदर सिंंह ने कहा है कि उनकी सरकार फसल के ठूंठ (पराली) को जलाने की समस्या पर काबू पाने और इससे होने वाले प्रदूषण से राज्य को बचाने के लिए कार्ययोजना पर काम कर रही है।

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंंह ने कहा है कि उनकी सरकार फसल के ठूंठ (पराली) को जलाने की समस्या पर काबू पाने और इससे होने वाले प्रदूषण से राज्य को बचाने के लिए कार्ययोजना पर काम कर रही है।
सिंह ने आज विधानसभा सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान सिंचाई एवं ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह से राज्य में धान तथा गेहूं के अवशेषों पर आधारित उद्योग स्थापित करने से संबंधित प्रश्न पूछा गया।
गुरजीत सिंह इस प्रश्न का संताेषजनक जवाब नहीं दे सके तो मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने हाल में इस समस्या के समाधान के लिए चेन्नई आधारित एक कंपनी के साथ करार किया है जो फसल कटने के तुरंत बाद अवशेषों को निपटाने के लिए काम करेगी। इसके बाद पराली को जलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और प्रदूषण से मुक्ति मिल सकेगी।
उन्होंने कहा कि कंपनी धान के अवशेषों से ऊर्जा बनायेगी और इसके लिए 400 प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगी। राज्य में धान से कुल दो करोड़ टन पराली पैदा होती है जिसमें 1.9 करोड़ टन इन प्लांटों में इस्तेमाल की जायेगी और पराली जलाने से पयार्वरण को होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा।


