Top
Begin typing your search above and press return to search.

जीएचएडीसी फंड घोटाले पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 40 लाख रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिलांग सब-जोनल ऑफिस ने मेघालय में गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) के डेवलपमेंट फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत 40 लाख रुपए की कीमत वाली अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

जीएचएडीसी फंड घोटाले पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 40 लाख रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त
X

शिलांग। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिलांग सब-जोनल ऑफिस ने मेघालय में गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (जीएचएडीसी) के डेवलपमेंट फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत 40 लाख रुपए की कीमत वाली अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है।

ईडी ने जिन संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है, वह जीएचएडीसी के 16-आसानंग निर्वाचन क्षेत्र के पूर्व डिस्ट्रिक्ट काउंसिल सदस्य (एमडीसी) इस्माइल आर. मारक के नाम पर है।

ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7ए, 12 और 13 के तहत अपराधों के लिए वेस्ट गारो हिल्स, तुरा में स्पेशल जज की अदालत में 18 अप्रैल 2023 को दायर चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की थी। यह चार्जशीट मेघालय लोकायुक्त शिकायत से जुड़ी थी।

जांच से पता चला कि जीएचएडीसी को मिले लगभग 28.66 करोड़ रुपए के 'एक्सक्लूडेड एरियाज के लिए ग्रांट' में से, 1 करोड़ रुपए की राशि 16-आसानंग निर्वाचन क्षेत्र में 49 डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए आवंटित की गई थी।

मेघालय फाइनेंशियल रूल्स 1981 का उल्लंघन करते हुए दो ठेकेदार कुबोन संगमा और निकसेंग संगमा को काम की कीमत का 60 प्रतिशत एडवांस जारी किया गया था। ये वर्क ऑर्डर कथित तौर पर जाली हस्ताक्षरों के आधार पर हासिल किए गए थे, जबकि प्रोजेक्ट्स पर कभी काम ही नहीं हुआ। जारी किए गए फंड का बाद में गबन कर लिया गया।

पीएमएलए के तहत ईडी की जांच में अपराध से हुई 52.60 लाख रुपए की कमाई का पता चला है। यह फंड इस्माइल आर मारक (19.60 लाख रुपए, नकद में प्राप्त) और उनकी पत्नी, प्रतिभा मारक (33 लाख रुपए, जो बैंक ट्रांसफर से मिले) को उन ठेकेदारों के खातों के जरिए भेजे गए थे।

ईडी की ओर से अब जो अचल संपत्ति जब्त की गई है, उसे अपराध से हुई कमाई की कीमत के तौर पर रखा जा रहा है। वहीं, यह कीमत पता लगाई गई अपराध की कमाई से ज्यादा नहीं है।

जांच के दौरान पहले, पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत कुल 16.38 लाख रुपए के बैंक अकाउंट बैलेंस को फ़्रीज किया गया था और एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने इस फ्रीजिंग की पुष्टि भी कर दी थी। इस मामले में 4 दिसंबर 2025 को तलाशी ली गई थी। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it