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'राजनीति से प्रेरित था नीट मुद्दे पर प्रदर्शन', दिलीप घोष का सवाल- 'पंजाब और कर्नाटक पर क्यों खामोशी'

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पेपर लीक के मामलों में संसद में पेश होने वाले नए विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रश्न पत्र लीक करने के लिए जिम्मेदार लोगों और इस रैकेट में शामिल सभी लोगों को सजा दी जाएगी।

राजनीति से प्रेरित था नीट मुद्दे पर प्रदर्शन, दिलीप घोष का सवाल- पंजाब और कर्नाटक पर क्यों खामोशी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पेपर लीक के मामलों में संसद में पेश होने वाले नए विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रश्न पत्र लीक करने के लिए जिम्मेदार लोगों और इस रैकेट में शामिल सभी लोगों को सजा दी जाएगी। इसके साथ ही, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों में पेपर लीक पर दिलीप घोष ने गंभीर सवाल उठाए।

मंत्री दिलीप घोष ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "हमने घोषणा की थी कि हम लोकसभा में एक कानून लाएंगे, और अब वह कानून पेश किया जाने वाला है। इस पर फैसला लिया जाएगा। यह देश में, राज्यों और केंद्र दोनों स्तरों पर एक बहुत गंभीर समस्या है। इससे हमारे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है, जबकि लोग गैर-कानूनी तरीके से करोड़ों रुपए कमाते हैं। इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए एक कानून लाया जा रहा है।"

पेपर लीक के मामलों पर उन्होंने कहा, "सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रश्न पत्र लीक करने के लिए जिम्मेदार लोगों और इस रैकेट में शामिल सभी लोगों को सजा दी जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।"

गैर-भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक का जिक्र करते हुए दिलीप घोष ने कहा, "पंजाब से लेकर कर्नाटक तक किस राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ? जिन लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, उन्होंने कभी इस बात का जिक्र नहीं किया कि पंजाब में ऐसा तीन बार कैसे हुआ या कर्नाटक में ऐसा कैसे हुआ। इसलिए, यह चुनिंदा विरोध-प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित है।"

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार छात्रों के भविष्य को सबसे ऊपर रख रही है और ऐसा कानून ला रही है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


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