बंगाल की खाड़ी में चक्रवात का खतरा बढ़ा
नई दिल्ली, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना 'डिप्रेशन' तेजी से शक्तिशाली हो रहा है।

नई दिल्ली, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना 'डिप्रेशन' तेजी से शक्तिशाली हो रहा है। यह डिप्रेशन (निम्न दबाव) एक गंभीर साइक्लोनिक स्टॉर्म (चक्रवाती तूफान) में बदल सकता है और 3 नवंबर की सुबह नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।
आईएमडी ने शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को जारी बुलेटिन में बताया कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन 22 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। 31 अक्टूबर को रात 11:30 बजे यह उसी क्षेत्र में 10.9° उत्तर अक्षांश और 87.5° पूर्व देशांतर के पास स्थित था।
आईएमडी ने बताया कि यह डिप्रेशन चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 830 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 880 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 900 किमी दक्षिण-पूर्व और ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से 950 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व की दूरी पर था।
इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और आज दोपहर तक दक्षिण-पश्चिमी तथा उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'डीप डिप्रेशन' में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 1 नवंबर की मध्यरात्रि तक यह दक्षिण-पश्चिमी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'साइक्लोनिक स्टॉर्म' (चक्रवाती तूफान) का रूप ले सकता है और 2 नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक 'सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म' (गंभीर चक्रवाती तूफान) में तब्दील हो सकता है।
आईएमडी ने बताया कि 3 नवंबर की सुबह तक दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की प्रबल संभावना है। 3 नवंबर की सुबह यह नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को एक 'सीवियर साइक्लोनिक स्टॉर्म' के रूप में पार कर सकता है। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किमी प्रति घंटा हो सकती है, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।


