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तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान

चेन्नई, क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमस) ने सोमवार को तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, क्योंकि कम दबाव का क्षेत्र राज्य भर में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर रहा है।

तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान
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चेन्नई, क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमस) ने सोमवार को तमिलनाडु के चार जिलों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, क्योंकि कम दबाव का क्षेत्र राज्य भर में मौसम की स्थिति को प्रभावित कर रहा है।

आरएमसी के अनुसार, समुद्र तल से लगभग 1.5 किमी की ऊंचाई पर हवा का एक घेरा (एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन) बना हुआ है, जो कर्नाटक से कन्याकुमारी के समुद्र तक फैला है। इसके असर से कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ नीलगिरी, डिंडीगुल और थेनी जिलों में एक-दो जगहों पर भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इस मौसम प्रणाली से तमिलनाडु के कई अन्य जिलों में भी मध्यम बारिश होने की उम्मीद है। इनमें उत्तरी क्षेत्र के चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर, रानीपेट और वेल्लोर के साथ-साथ तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, पुदुक्कोट्टई, नमक्कल, इरोड, सलेम और मदुरै जिले शामिल हैं।

मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी के मौसम के हालात बड़े पैमाने पर बारिश के लिए अनुकूल बने हुए हैं और राज्य के कई हिस्सों में दिन भर छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है।

आरएमसी के मुताबिक, कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों और नीलगिरी में मंगलवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में बारिश हल्की से मध्यम रहने की उम्मीद है।

चेन्नई में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दिन के दौरान कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है। शहर में अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं से स्थानीय स्तर पर दिक्कतें हो सकती हैं। अधिकारियों ने वाहन चालकों से भी भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतने को कहा है, क्योंकि जलभराव और कम दृश्यता की समस्या हो सकती है।

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय प्रशासन से मौसम में हो रहे बदलावों पर कड़ी नजर रखने और बारिश से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमें अलर्ट पर हैं, जबकि नदियों, नालों और भूस्खलन की आशंका वाले पहाड़ी ढलानों के पास रहने वाले लोगों को मौसम की आधिकारिक जानकारी और सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।


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