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ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को हो रहा अच्छा मुनाफा: सांबा

सांबा, जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों और बागवानी को भी अपना रहे हैं।

ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को हो रहा अच्छा मुनाफा: सांबा
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सांबा, जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों और बागवानी को भी अपना रहे हैं। इसी कड़ी में विजयपुर क्षेत्र के किसान बलदेव राज ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उनकी इस पहल से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और ड्रैगन फ्रूट की खेती के प्रति उनकी रुचि बढ़ रही है।

किसान बलदेव राज ने जम्मू-कश्मीर में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की थी। उनके इस प्रयास के लिए उपराज्यपाल द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है। वह पिछले कई वर्षों से ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और पारंपरिक फसलों की खेती कर रहे हैं। उनकी सफलता को देखते हुए अब आसपास के किसान भी इस नई फसल को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।

क्षेत्र के कई किसान बलदेव राज के खेतों में पहुंचकर ड्रैगन फ्रूट की खेती करने की विधि सीखते हैं और इससे जुड़ी तकनीकी जानकारी प्राप्त करते हैं। बलदेव राज भी अन्य किसानों को इस फसल की खेती के बारे में जानकारी देकर उन्हें आय बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ अन्य फसलों की खेती में भी रुचि लेनी चाहिए, ताकि आमदनी के नए स्रोत विकसित किए जा सकें।

किसान बलदेव राज ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि खेती के दौरान उन्हें बागवानी विभाग का पूरा सहयोग मिलता है। किसी भी प्रकार की परेशानी आने पर विभाग की टीम खेतों में पहुंचकर किसानों को मार्गदर्शन देती है। इसके अलावा, वह सरकार की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का भी लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने किसान हित में योजनाएं शुरू करने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया।

वहीं, क्षेत्र के एक अन्य किसान ने बताया कि वह कई वर्षों से ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। शुरुआत में उन्होंने कम पौधे लगाए थे, लेकिन धीरे-धीरे खेती का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे किसानों को इस खेती को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

मुख्य बागवानी अधिकारी अनिल गोरखा ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि शुरुआत में किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में जानकारी दी गई थी, लेकिन उस समय उन्होंने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। बाद में बलदेव राज के खेतों में इस फसल की अच्छी पैदावार देखने के बाद अन्य किसान भी इससे जुड़ने लगे हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ड्रैगन फ्रूट की खेती करने वाले किसानों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि किसानों को सब्सिडी देने के लिए नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जिनसे उन्हें लाभ मिलेगा। ड्रैगन फ्रूट की खेती सांबा जिले में कृषि विविधीकरण की नई संभावनाएं खोल रही है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने और बागवानी के क्षेत्र में नए अवसर तलाशने का मौका मिल रहा है।


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