Top
Begin typing your search above and press return to search.

UPI पर MDR का असर: कारोबारियों में बढ़ी चिंता, कई राज्यों में विरोध की तैयारी

गाजियाबाद में भी कुछ कारोबारियों ने UPI के बजाय नकद भुगतान की मांग शुरू कर दी है। कुछ दुकानों और हेयर सैलून के बाहर ग्राहकों को नकद भुगतान करने की सूचना दी गई है। कुछ बाजारों में इसका असर दिखाई देने लगा है।

UPI पर MDR का असर: कारोबारियों में बढ़ी चिंता, कई राज्यों में विरोध की तैयारी
X

नई दिल्ली : यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से होने वाले बड़े भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर कारोबारियों के बीच असंतोष बढ़ने लगा है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर MDR लागू होने की चर्चा के बीच उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कुछ हिस्सों में इसका विरोध सामने आया है। कहीं दुकानदार ग्राहकों से नकद भुगतान की मांग कर रहे हैं तो कहीं पेट्रोल पंपों पर UPI भुगतान को लेकर सूचना चस्पा की गई है।

मध्य प्रदेश में ‘नो-UPI डे’ का ऐलान

मध्य प्रदेश में इस मुद्दे पर व्यापारिक संगठनों ने सामूहिक विरोध की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के करीब 125 व्यापारी संगठनों ने इंदौर में बैठक कर 23 सितंबर को ‘नो-UPI दिवस’ मनाने का फैसला किया है। इस दिन व्यापारी UPI के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करने की योजना बना रहे हैं। मध्य प्रदेश पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी बड़े UPI भुगतान को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। एसोसिएशन के मुताबिक, 16 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से अधिक का UPI भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि इस संबंध में राज्य स्तर के समन्वयक को भी पत्र भेजा गया है।

झांसी में पेट्रोल पंपों पर लगे नोटिस

उत्तर प्रदेश के झांसी में कुछ पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये से अधिक के पेट्रोल-डीजल भुगतान के लिए UPI स्वीकार नहीं करने संबंधी नोटिस लगाए गए हैं। हालांकि, झांसी पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन ने इसे संगठन का आधिकारिक फैसला नहीं बताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव बब्बर के अनुसार, संगठन ने इस तरह का कोई सामूहिक निर्णय नहीं लिया है। पेट्रोल पंपों पर लगाए गए नोटिस संबंधित संचालकों का व्यक्तिगत फैसला हो सकते हैं। गाजियाबाद में भी कुछ कारोबारियों ने UPI के बजाय नकद भुगतान की मांग शुरू कर दी है। कुछ दुकानों और हेयर सैलून के बाहर ग्राहकों को नकद भुगतान करने की सूचना दी गई है। इससे संकेत मिलता है कि MDR को लेकर कारोबारियों की चिंता अब केवल संगठनों की बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ बाजारों में इसका असर दिखाई देने लगा है।

हरियाणा में भी विरोध के संकेत

हरियाणा में भी पेट्रोल पंप संचालकों के बीच प्रस्तावित MDR को लेकर चिंता है। हिसार स्थित ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष अनिल कुमार के मुताबिक, संगठन ने वित्त मंत्री और पेट्रोलियम मंत्री को पत्र भेजकर पेट्रोल पंपों को MDR से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। हरियाणा के कुछ जिलों में रात के समय पेट्रोल पंपों पर UPI स्कैनर के इस्तेमाल में कमी किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इसका स्वरूप सभी जिलों में एक जैसा नहीं है।

पेट्रोल पंप संचालकों को मार्जिन की चिंता

पेट्रोलियम कारोबारियों का तर्क है कि ईंधन बिक्री में उनका मार्जिन सीमित होता है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क लगने से उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है। गाजियाबाद पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री बृजमोहन सिंघल ने कहा कि पहले क्रेडिट कार्ड से भुगतान के मामले में पंप संचालकों के खाते से निर्धारित राशि कटती थी और बाद में सरकार की ओर से उसे वापस किए जाने की व्यवस्था थी। कारोबारियों की मांग है कि ऑनलाइन भुगतान के मामले में भी ऐसी व्यवस्था लागू की जाए।

कई राज्यों में फिलहाल असर नहीं

UPI पर MDR को लेकर जहां मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में विरोध के स्वर सुनाई दे रहे हैं, वहीं दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में फिलहाल इसका व्यापक असर दिखाई नहीं दे रहा है। पटना समेत अन्य शहरों के व्यापारिक संगठनों ने भी वित्त मंत्री को पत्र भेजकर प्रस्तावित व्यवस्था से राहत देने की मांग की है। कारोबारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब उस पर अतिरिक्त लागत आने से छोटे व्यापारियों और कम मार्जिन वाले कारोबार पर दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत महत्वपूर्ण होगी। खास तौर पर पेट्रोल पंप और छोटे कारोबारियों की ओर से MDR में छूट की मांग को लेकर केंद्र सरकार के अगले कदम पर सभी की नजर रहेगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it