तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र
पटना, बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय शरद यादव, स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह एवं स्वर्गीय रामविलास पासवान की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करते हुए उनकी जयंती या पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा।

पटना, बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय शरद यादव, स्वर्गीय डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह एवं स्वर्गीय रामविलास पासवान की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करते हुए उनकी जयंती या पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा।
तेजस्वी यादव ने सीएम सम्राट चौधरी को लिखे पत्र में कहा कि डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह, शरद यादव एवं रामविलास पासवान राज्य के महान विभूति होने के साथ-साथ प्रखर समाजवादी नेता थे। इन राजनेताओं ने अपने सामाजिक सरोकारों और सक्रिय राजनीतिक जीवन के माध्यम से बिहार की उल्लेखनीय सेवा की। ये देश के ऐसे सपूत रहे हैं, जिनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से हम सभी बिहारवासी सदा ऋणी रहेंगे।
आपको ज्ञात होगा कि निधन से कुछ दिन पूर्व डॉ रघुवंश बाबू ने बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र के माध्यम से अपनी कुछ मांगे पूर्ण करने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन 6 वर्ष बीतने के बाद भी उन मांगों पर अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। मुझे विश्वास है कि आप उन लंबित मांगों को पूर्ण करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। रघुवंश बाबू की अंतिम इच्छाओं को सम्मान देते हुए उन्हें पूरा करना ही उनके प्रति हमलोगों की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
बिहार से लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में लंबे समय तक सक्रिय रहे शरद यादव एक कद्दावर समाजवादी नेता थे, जिन्होंने जीवनभर 'सामाजिक न्याय' की राजनीति के माध्यम से विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान में अभूतपूर्व योगदान देकर आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारा।
इसी प्रकार रामविलास पासवान समतावादी विकास और समाजवाद के पक्षधर थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन दबे, कुचले और उपेक्षित वर्गों के सामाजिक उत्थान, संघर्ष, सुरक्षा एवं विकास के लिए समर्पित किया।
अतः मेरा आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया रघुवंश बाबू, शरद यादव एवं रामविलास पासवान की राज्य में आदमकद प्रतिमा स्थापित करते हुए उनकी जयंती अथवा पुण्यतिथि को राजकीय समारोह घोषित किया जाए।


