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राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठने से नहीं, एक्सपोज होने से परेशान: प्रदीप भंडारी

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश के खिलाफ राजनीति करते हैं।

राहुल गांधी तीसरी पंक्ति में बैठने से नहीं, एक्सपोज होने से परेशान: प्रदीप भंडारी
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सिलीगुड़ी। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश के खिलाफ राजनीति करते हैं।

प्रदीप भंडारी का यह बयान उस वक्त आया है जब गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में जगह दिए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने इसे विपक्षी नेताओं का अपमान बताया।

सिलीगुड़ी में भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी तीसरी लाइन में बैठने से परेशान नहीं हैं, बल्कि फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने से परेशान हैं। जब पूरा देश ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत का जश्न मना रहा था, तब राहुल गांधी अपने फोन में व्यस्त थे। एक बार फिर, देश के सामने उनकी गैर-जिम्मेदार छवि पक्की हो गई है। ये वही राहुल गांधी हैं जो संवैधानिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते। ये वही राहुल गांधी हैं जो बार-बार पूछते हैं कि पाकिस्तान के कितने विमान गिरे।

ये वही राहुल गांधी हैं जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी सेना की बहादुरी पर सवाल उठाया था। राहुल गांधी की असली चिढ़ यह है कि वे देश के सामने एक्सपोज हो गए हैं। वे कभी देशभक्त नहीं हो सकते। शायद इसी कारण जनता ने उन्हें 95 चुनावों में करारा जवाब दिया।

भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी के लिए देश से पहले राजनीति आती है, देश का सम्मान और इज्जत नहीं। इसीलिए देश के लोग हमेशा राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को भारत के राष्ट्रीय हित के खिलाफ काम करते हुए देखते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कर्तव्य पथ पर सिर्फ राजनीति के लिए मौजूद थे।

दूसरी ओर भाजपा पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि गणतंत्र दिवस समारोह में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में स्थान देना संवैधानिक प्रोटोकॉल और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का स्पष्ट उल्लंघन है।

भाजपा सरकार द्वारा सदन के भीतर और बाहर बार-बार नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा को कमतर दिखाने का प्रयास किया गया है। यह रवैया दर्शाता है कि इस सरकार को न संविधान की भावना का सम्मान है और न ही गणतंत्र की मूल आत्मा की समझ है।


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