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LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री ने दिया बयान, लोकसभा में विपक्ष ने लगाए 'देखो एपस्टीन का दोस्त आया' के नारे

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

LPG संकट पर पेट्रोलियम मंत्री ने दिया बयान, लोकसभा में  विपक्ष ने लगाए देखो एपस्टीन का दोस्त आया के नारे
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नई दिल्‍ली। LPG Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही प्रभावित होने के बीच भारत में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि मंत्री के बयान के दौरान लोकसभा में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और हंगामे के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। विपक्ष के कुछ सदस्य ‘एपस्टीन-एपस्टीन’ के नारे लगाते हुए सरकार को घेरने की कोशिश करते दिखाई दिए।

देश में ईंधन की कमी नहीं: हरदीप पुरी

लोकसभा में बोलते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, हमारे पास पर्याप्त कच्चा तेल उपलब्ध है। पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। एलएनजी के कार्गो लगातार आ रहे हैं और वैकल्पिक मार्गों से भी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सीएनजी की आपूर्ति भी पूरी तरह सामान्य है और देश में ईंधन की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है।

होर्मुज में 20 प्रतिशत आवाजाही प्रभावित

मंत्री ने स्वीकार किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के कारण लगभग 20 प्रतिशत समुद्री आवाजाही प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाकर आपूर्ति को सुरक्षित रखा है। उन्होंने बताया कि भारत कनाडा, नॉर्वे और रूस सहित कई देशों से ईंधन आयात कर रहा है, जिससे सप्लाई चेन में किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं आई है।

एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी

हरदीप पुरी ने कहा कि सरकार ने घरेलू स्तर पर भी उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। उनके अनुसार देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही सरकार ने वैकल्पिक ईंधन आपूर्ति चैनलों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर केरोसिन तेल की उपलब्धता भी रिटेल नेटवर्क के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है।

तीन मंत्रियों की समिति बना कर निगरानी

सरकार ने मौजूदा हालात की निगरानी के लिए तीन मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय समिति भी बनाई है। यह समिति अंतरराष्ट्रीय स्थिति और घरेलू ऊर्जा आपूर्ति पर लगातार नजर रख रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार ने लंबे समय तक ऐसे हालात से निपटने के लिए व्यापक योजना तैयार की है और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

घबराहट के कारण बढ़ी मांग

हरदीप पुरी ने कहा कि देश में गैस और ईंधन की मांग में हालिया बढ़ोतरी का कारण पैनिक बाइंग है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनावश्यक घबराहट में ईंधन जमा न करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने गैस वितरण के लिए प्राथमिकताएं तय कर दी हैं, ताकि जरूरतमंद क्षेत्रों और उपभोक्ताओं तक समय पर आपूर्ति पहुंच सके।

विपक्ष की नारेबाजी से गूंजा सदन

मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे। कुछ सदस्यों ने ‘देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया’ जैसे नारे लगाए, जिससे सदन में शोरगुल बढ़ गया। इस हंगामे के बीच भी मंत्री ने अपना बयान जारी रखा और देश में ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया।

राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस विषय पर अपनी बात रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि इस स्थिति का सबसे अधिक प्रभाव छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति तय करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदें और किससे गैस लें?” मैंने कहा कॉम्प्रोमाइज्ड, यहां एक मंत्री जी बैठे हैं, जिन्होंने कहा था एपस्टीन दोस्त, इस बात पर संसद में भारी हंगामा शुरू हो गया।

स्पीकर ने नियमों की याद दिलाई

राहुल गांधी के बयान के दौरान सदन में शोरगुल बढ़ गया। इस पर लोकसभा स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि उन्होंने जिस विषय पर नोटिस दिया है, उसी पर बोलें और नियमों का पालन करें। स्पीकर ने स्पष्ट कहा कि सदन में किसी को भी नियमों से बाहर जाकर बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया

इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव को भी बोलने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने दी जाए, उसके बाद वे अपनी बात रखेंगे। लोकसभा में इस पूरे मुद्दे पर हुए हंगामे ने यह दिखाया कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का राजनीतिक असर देश की संसद तक पहुंच चुका है। वहीं सरकार का कहना है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।


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