Top
Begin typing your search above and press return to search.

विपक्ष के सांसदों ने लगाया सरकार पर आरोप, कहा-'देश में युवा और किसान परेशान, उनकी बात सुनने को तैयार नहीं सरकार'

संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी दलों ने छात्रों की समस्याओं, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक, बेरोजगारी और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। वहीं, भाजपा ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कदम उठा रही है।

विपक्ष के सांसदों ने लगाया सरकार पर आरोप, कहा-देश में युवा और किसान परेशान, उनकी बात सुनने को तैयार नहीं सरकार
X

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को विपक्षी दलों ने छात्रों की समस्याओं, नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, प्रश्न-पत्र लीक, बेरोजगारी और अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार जनता और युवाओं की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। वहीं, भाजपा ने कहा कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है और परीक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कदम उठा रही है।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि देशभर में किसान, युवा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहते हैं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

डिंपल यादव ने कहा कि देश की स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां युवा अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार उनसे संवाद नहीं कर रही है। समाजवादी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी आवाज संसद में उठाती रहेगी।

आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर कहा कि पहले इसका मसौदा सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़े जुटाने के अभियान से लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रहता। परिसीमन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग की।

वहीं, सांसद पप्पू यादव ने प्रश्न-पत्र लीक मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब प्रश्न-पत्र कई बार लीक हो चुके हों तो देश के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि युवा न तो समय पर नौकरी हासिल कर पा रहे हैं और न ही परीक्षाओं में भरोसा रख पा रहे हैं क्योंकि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा स्थगित होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

पप्पू यादव ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। जिस मुद्दे को लेकर सरकार सत्ता में आई, उससे जुड़े मामलों पर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश गंभीर परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा और राम मंदिर चढ़ावा विवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए। पहले सरकार को छात्रों और अन्य गंभीर मुद्दों पर अपना पक्ष रखना चाहिए, उसके बाद ही अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा होनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने संसद के बाहर कहा कि देश में बदलाव की भावना दिखाई दे रही है और लोकतंत्र मजबूत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ माजी ने कहा कि इंडी अलाइंस परिसीमन या महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का उनकी पार्टी ने पहले ही समर्थन किया था, लेकिन इसे लागू करने में समय लगाया गया। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों को बड़ा मुद्दा बताते हुए संसद में चर्चा की मांग की।

टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कहा कि देश के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं, जिनमें नीट परीक्षा, कथित चंदा धोखाधड़ी और राजनीतिक दलों से जुड़े विषय शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नीट परीक्षा के मुद्दे पर संसद में जवाब दें। उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर इन मुद्दों को सदन में उठाएगा।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it