Top
Begin typing your search above and press return to search.

महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी में शामिल नए सदस्यों का किया स्वागत

श्रीनगर, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में पार्टी के कई नए सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर जगह लोगों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इंटर्न डॉक्टर्स, एनएचएम और आंगनवाड़ी के लोगों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। एक तरफ से महंगाई इतनी बढ़ गई है और दूसरी तरफ से उनके वेतन और स्टाइपेंड को लेकर परेशान हैं।

महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी में शामिल नए सदस्यों का किया स्वागत
X

श्रीनगर, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में पार्टी के कई नए सदस्यों का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि हर जगह लोगों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इंटर्न डॉक्टर्स, एनएचएम और आंगनवाड़ी के लोगों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। एक तरफ से महंगाई इतनी बढ़ गई है और दूसरी तरफ से उनके वेतन और स्टाइपेंड को लेकर परेशान हैं।

महबूबा मुफ्ती ने कहा, "दलजीत और शीतल ने पीडीपी ज्वाइन की है। उनके पार्टी ज्वाइन करने पर सभी का स्वागत करती हूं। आज जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा 38 प्रतिशत लोग बेरोजगार हैं। सरकार की ओर से हाथ खड़े कर दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के हालात को पीडीपी बदल सकती है। इन लोगों के पार्टी में शामिल होने से मुझे उम्मीद है कि पीडीपी जम्मू-कश्मीर में मजबूत होगी।

बीते दिनों महबूबा मुफ्ती ने सरकार पर निशाना साधा था। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया था कि पुलिस जनहित के मुद्दों पर पीडीपी के प्रदर्शन को अनुमति नहीं देती लेकिन उसने भाजपा और एनसी को एक-दूसरे खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में मदद की है।

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया था, "वही पुलिस, जो पीडीपी को जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए अपने दफ्तर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं देती, उसने भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस को एक-दूसरे के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने में मदद की है।"

मुफ्ती ने कहा था कि इस साफ दोहरे मापदंड का कारण बताया जाना चाहिए। आखिर कौन इन चुनिंदा पाबंदियों को मंजूरी देता है और क्यों अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के लिए कानून अलग-अलग तरह से लागू किया जा रहा है?

उधर, पीडीपी नेता वहीद-उर-रहमान पारा ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा का विरोध-प्रदर्शन एक तमाशा जैसा लग रहा है। जम्मू-कश्मीर में प्रशासन के फेल होने और बेरोजगारी बढ़ने के बीच, ऐसा लगता है कि वे उन लोगों के साथ 'फिक्स्ड मैच' खेल रहे हैं, जिन्होंने उन्हें वोट दिया था। लोग सिर्फ तमाशबीन नहीं हैं बल्कि उन्हें सब याद रहता है।"

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने बीते दिनों राज्य का दर्जा बहाल, संवैधानिक सुरक्षा और जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य मुद्दों की मांगों को लेकर प्रदर्शन की थी। वहीं, भाजपा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए सिविल सचिवालय तक विरोध मार्च का फैसला लिया था।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it