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गुजरात : मुख्यमंत्री ने वनकर्मियों को दी श्रद्धांजलि, पीड़ितो को आर्थिक मदद की घोषणा की

गांधीनगर, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर में वनपाल स्मारक पर 'राष्ट्रीय वन शहीद दिवस' के मौके पर उन वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।

गुजरात : मुख्यमंत्री ने वनकर्मियों को दी श्रद्धांजलि, पीड़ितो को आर्थिक मदद की घोषणा की
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गांधीनगर, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को गांधीनगर में वनपाल स्मारक पर 'राष्ट्रीय वन शहीद दिवस' के मौके पर उन वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी थी।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और राज्यमंत्री प्रवीण माली के साथ मिलकर वन शहीदों को श्रद्धांजलि दी और वन अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ दो मिनट का मौन रखा।

पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि 'राष्ट्रीय वन शहीद दिवस' पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में, हमने गांधीनगर स्थित 'वन शहीद स्मारक' पर उन बहादुर वन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वर्ष 1981 से अब तक, गुजरात में 11 समर्पित वन योद्धाओं ने राज्य के पेड़-पौधों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान हमारी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए आवश्यक साहस और प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। अपने सभी शहीद नायकों के प्रति मेरी गहरी श्रद्धा और हार्दिक नमन। उनकी विरासत हमें सदैव प्रेरित करती रहेगी।

मुख्यमंत्री ने उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की और जंगल व वन्यजीव संरक्षण में उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री ने व्यारा रेंज के वन अधिकारी विकास देसाई के परिवार से भी मुलाकात की, जिनकी हाल ही में लकड़ी की अवैध ढुलाई रोकने की कोशिश के दौरान मौत हो गई थी।

मुख्यमंत्री पटेल ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और बेनेवोलेंट फंड से 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता सौंपी। वन कर्मचारी कालू परमार को भी सम्मानित किया, जो इस साल 6 जुलाई को इंसान और शेर के बीच संघर्ष में घायल हो गए थे। मुख्यमंत्री पटेल ने उन्हें सहायता के तौर पर दो लाख रुपए का चेक दिया।

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस हर साल 11 सितंबर को उन वन गार्डों, फॉरेस्टर्स और रेंज वन अधिकारियों के सम्मान में मनाया जाता है जिन्होंने जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई है।

इस अवसर का उद्देश्य जंगल और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना भी है। इस मौके पर विधायक रीता पटेल समेत वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बड़ी संख्या में वन कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले अपने साथियों को श्रद्धांजलि दी।


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