भाजपा : कांग्रेस नहीं चाहती देश की अर्थव्यवस्था हो मजबूत
नई दिल्ली, दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर कांग्रेस के सवालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि भारत या भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। वह किसी भी तरीके से भारत को कमजोर करना चाहती है।

नई दिल्ली, दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर कांग्रेस के सवालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती कि भारत या भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। वह किसी भी तरीके से भारत को कमजोर करना चाहती है।
बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने आईएएनएस से कहा, "ब्रिक्स को लेकर कांग्रेस और उसके नेताओं ने जो प्रोपेगैंडा शुरू किया है, उससे पता चलता है कि कांग्रेस नहीं चाहती कि भारत या भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। इसीलिए हर कोशिश को नाकाम करना ही आज कांग्रेस का एजेंडा बन गया है। इससे साफ है कि कांग्रेस किसी भी तरीके से भारत को कमजोर करना चाहती है।"
बिहार भाजपा के नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "ब्रिक्स सम्मेलन, बहुत बड़ा सम्मेलन है, कई देशों के प्रतिनिधि इसमें भाग लेंगे। यह केंद्र सरकार की, आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी की, जो पूरे वैश्विक स्तर पर भारत का आज डंका बज रहा है। आज आन, बान, शान से भारत विश्व के मानस पटल पर खड़ा है। उसकी झलक इस सम्मेलन में दिखेगी। मजबूती के साथ भारत यह सम्मेलन दिल्ली में कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "बिहारवासियों के लिए यह खुशी की बात है कि राज्य के प्रमुख व्यंजन सत्तू और मखाने का भी प्रचार प्रसार होगा। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किया जाना गर्व का विषय है। यह साबित करता है कि किस तरह केंद्र की सरकार सभी राज्यों का ख्याल रखती है।
भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा, "ब्रिक्स एक बहुत अहम सम्मेलन है, जिसमें चीन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति पुतिन जैसे बड़े राष्ट्राध्यक्ष शामिल होते हैं। ब्रिक्स का अपना बैंक भी है, जो इसे एक अहम मंच बनाता है। यह व्यापार को बढ़ाने का भी एक अच्छा माध्यम है। पूरे रीजन की बेहतरी के लिए एक अच्छा माहौल होता है, लेकिन कांग्रेस के 'फूफा' को यह पच नहीं रहा है।"
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के 'नाराज फूफा' चिदंबरम ब्रिक्स की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं। अगर उनकी बात मानी जाए, तो भारत को किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन में शामिल नहीं होना चाहिए। कल वे यह भी पूछ सकते हैं कि भारत को यूएन, सुरक्षा परिषद, आईएमएफ या विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्या जरूरत है। हम उन्हें समझा तो नहीं सकते, लेकिन देश के हित में जो भी जरूरी होगा, हम वही करेंगे। सात साल बाद चीन के राष्ट्रपति भी आ रहे हैं और प्रधानमंत्री मोदी के साथ रणनीतिक हितों और दोनों देशों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी।"
ब्रिक्स सम्मेलन पर भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने आईएएनएस से कहा, "यह देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। ब्रिक्स समिट, जो चीन, रूस और भारत समेत 'ग्लोबल साउथ' के देशों को एक साथ लाता है। वह सिर्फ पांच देशों तक सीमित नहीं है; इसमें कई अन्य देश भी शामिल हुए हैं। अभी इस समिट की अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।"


