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'राहुल गांधी जहां जाते हैं, हार साथ लेकर जाते हैं', शिवसेना स्थापना दिवस पर बोले एकनाथ शिंदे

शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जहां भी जाते हैं, वहां हार उनका पीछा करती है

राहुल गांधी जहां जाते हैं, हार साथ लेकर जाते हैं, शिवसेना स्थापना दिवस पर बोले एकनाथ शिंदे
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मुंबई। शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जहां भी जाते हैं, वहां हार उनका पीछा करती है। उन्होंने इंडिया गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी 'बार-बार हारने वालों के कप्तान' हैं।

शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे 'न खुद भ्रष्टाचार करूंगा, न किसी को करने दूंगा' की तुलना विपक्ष के रवैये से करते हुए कहा कि 'न खुद जीतेंगे और न किसी को जीतने देंगे।'

उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बनने पर बधाई भी दी।

शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल भ्रष्टाचार के किसी भी दाग से मुक्त रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण और अनुच्छेद 370 को हटाने जैसे ऐतिहासिक फैसलों ने बालासाहेब ठाकरे के सपनों को पूरा किया है।

उन्होंने बताया कि एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री के सम्मान में प्रस्ताव पेश करने का अवसर शिवसेना को दिया गया था।

शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में महाराष्ट्र में वामपंथी उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया और अनुच्छेद 370 को हटाने जैसा ऐतिहासिक निर्णय लागू किया गया।

उन्होंने कहा कि यदि बालसाहेब ठाकरे आज जीवित होते तो वह भी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को बधाई देते।

शिंदे ने कहा कि इस वर्ष बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी मनाई जा रही है और शिवसेना अब महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि आम शिवसैनिकों ने पार्टी को गांव-गांव तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा, "बालासाहेब ठाकरे के असली उत्तराधिकारी मेरे शिवसैनिक हैं। उत्तराधिकार खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि विचारधारा से तय होता है। शिवसेना जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की विचारधारा है।"

शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग कुछ दलों को कांग्रेस में विलय की सलाह दे रहे हैं, उन्हें पहले अपनी घटती ताकत पर आत्मचिंतन करना चाहिए।

शिंदे ने कहा कि जब उन्होंने 2022 में अलग रास्ता चुना था, तब विपक्ष ने दावा किया था कि उनका एक भी विधायक नहीं जीतेगा और उन्हें गांव लौटकर खेती करनी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि शिवसैनिकों के भरोसे और मेहनत की बदौलत पार्टी ने 40 से बढ़कर 60 विधायक बना लिए।

शिंदे ने कहा कि कुछ लोग उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन महायुति पूरी तरह एकजुट और मजबूत है।

उन्होंने विश्वास जताया कि विधान परिषद चुनाव में विपक्ष अपना खाता भी नहीं खोल पाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का एकमात्र एजेंडा विकास और समाज के सभी वर्गों का कल्याण है।

लाडकी बहिन योजना का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि कुछ लोगों ने इस योजना को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन महाराष्ट्र की महिलाओं ने उन्हें करारा जवाब दिया।

उन्होंने कहा, "मैं वादा करता हूं कि चाहे कुछ भी हो जाए, दुनिया की कोई ताकत लाडकी बहिन योजना को बंद नहीं कर सकती।"

शिंदे ने कुछ नेताओं पर अहंकार की राजनीति करने और आत्मचिंतन से बचने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि जिला परिषद और नगर निकाय चुनावों के दौरान कुछ नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं का साथ छोड़ दिया था, जिसके बाद जनता ने उन्हें उनकी वास्तविक ताकत दिखा दी।

महाराष्ट्र में संभावित सूखे की स्थिति पर शिंदे ने कहा कि सरकार पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी संकट की स्थिति में सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र के खजाने पर सबसे पहला अधिकार यदि किसी का है, तो वह हमारे किसानों का है।"

शिंदे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर विशेष ध्यान देने और अधिक बूथ स्तर एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने का भी आह्वान किया।


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