इमरान खान के खिलाफ एलओसी की मांग पर वारिस पठान ने उठाए सवाल, बोले- निष्पक्ष जांच कराएं
एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने इमरान खान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने की मांग और कथित पाकिस्तान फंडिंग के आरोपों पर सवाल उठाए हैं

मुंबई। एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने इमरान खान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने की मांग और कथित पाकिस्तान फंडिंग के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संविधान के तहत शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार सभी को है। पठान ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति के नाम के साथ 'खान' या 'पठान' जुड़ा होने पर उसे निशाना बनाया जाने लगता है। हालांकि, उन्होंने कथित फंडिंग के आरोपों की जांच कराने की भी मांग की।
वारिस पठान ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन में अलग-अलग राजनीतिक विचारों वाले लोग शामिल हो सकते हैं। प्रदर्शन में कई लोग आए, लेकिन जब कुछ लोगों के नाम सामने आए तो उनके खिलाफ सवाल और आरोप लगाए जाने लगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल नाम के आधार पर किसी को आतंकवादी समझ लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को कई बार भेदभाव और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। पठान ने कहा कि उन्होंने लाठीचार्ज, महिलाओं के नकाब और हिजाब खींचे जाने, गोलीबारी और यूएपीए के तहत कार्रवाई जैसे मामले देखे हैं। इन अनुभवों के कारण ऐसे मामलों को लेकर समुदाय में चिंता बनी रहती है।
इमरान खान से जुड़े कथित पाकिस्तान फंडिंग के आरोपों पर वारिस पठान ने कहा कि यदि किसी ने आरोप लगाए हैं तो उनकी जांच होनी चाहिए। सरकार सत्ता में है और आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए उचित जांच करा सकती है। खान या पठान उपनाम सामने आने पर भाजपा नेताओं की ओर से विरोध शुरू हो जाता है। प्रदर्शन में कई अन्य लोग भी शामिल हुए थे, इसलिए किसी व्यक्ति को केवल उसके नाम के आधार पर निशाना बनाना उचित नहीं है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की 'ब्लैक डे' संबंधी टिप्पणी पर पठान ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से उन्हें कई घटनाएं काले दिन जैसी लगती हैं। उन्होंने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद गिराए जाने का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि उस दिन को किस रूप में देखा जाना चाहिए। संविधान लोगों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति देता है और विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में मेट्रो, ट्रेनों और सड़कों के प्रभावित होने और पत्रकारों, युवाओं और महिलाओं को हिरासत में लिए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने पुलिस की कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर पठान ने कहा कि उनकी पार्टी इसका विरोध करती रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में एसआईआर को लेकर उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पठान ने दावा किया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर देश में नाराजगी है। उन्होंने न्यायाधीशों के बयानों और मीडिया में सामने आई रिपोर्टों का हवाला देते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम सूची से नहीं कटना चाहिए, क्योंकि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


