पीएम मोदी का 'नाराज फूफा' वाला बयान सही, राहुल गांधी दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाते हैं: राजू वाघमारे
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने पीएम मोदी के 'नाराज फूफा' वाले बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की होमियोपैथी वाली टिप्पणी जेन-जी के लिए नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का काम दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार पर निशाना साधना है और उनकी स्थिति 'मेरी सूरत ही ऐसी है' वाली कहावत जैसी है।

मुंबई। शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने पीएम मोदी के 'नाराज फूफा' वाले बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की होमियोपैथी वाली टिप्पणी जेन-जी के लिए नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का काम दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार पर निशाना साधना है और उनकी स्थिति 'मेरी सूरत ही ऐसी है' वाली कहावत जैसी है।
राजू वाघमारे ने स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े पॉक्सो मामले पर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और पुलिस को पूरी जांच के बाद ही कार्रवाई करनी चाहिए।
शिवसेना प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो होमियोपैथी वाली बात कही, वो जेन-जी के लिए नहीं, विरोधी दलों के लिए थी। विरोधी दल जेन जी को भड़काने की कोशिश कर रहा है। वो जेन-जी के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साधने की कोशिश कर रहे हैं। खासतौर पर विरोधी दल के नेता राहुल गांधी का काम रहा है कि दूसरे के कंधे के पर बंदूक रखकर सरकार के ऊपर निशाना साधना। फूफा वाला हाल ही विरोधी दल का हुआ है।"
उन्होंने कहा कि हिंदी में एक कहावत है कि "रोता क्यों है?" तो जवाब आता है कि "रोता नहीं हूं, मेरी सूरत ही ऐसी है।" राहुल गांधी का तरीका वही है। उनसे पूछा गया कि "क्यों रो रहे हो, क्यों झगड़ रहे हो? तो कहते हैं कि मेरी सूरत ही ऐसी है। जिस तरह की बयानबाजी और काम राहुल गांधी कर रहे हैं, उसके लिए पीएम मोदी ने जो कहा वो बिल्कुल सही है।
स्वतंत्र भारद्वाज मामले को लेकर शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि पॉक्सो एक्ट अगर लगाया गया है, तो पूरी तरह से जांच करके ही आगे बढ़ती रहेगी। कानून सभी के लिए समान है। अगर इस तरह की कोई बात हुई या करने की कोशिश की गई तो मामले की जांच करके सरकार पूरी तरह से कार्रवाई करेगी। किसी ने भी अगर इस तरह का काम किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। कोशिश की या नहीं, ये देखना और परखना पुलिस की जिम्मेदारी है। अगर गलत है तो सजा मिलनी चाहिए।
शिवसेना के प्रवक्ता ने कहा कि कौन क्या बोल रहा है, इन सबके ऊपर तो सरकार और पुलिस ध्यान नहीं रख सकती है। वो जो बातें बोल रहा है कि मेरे उनसे ताल्लुक है, तो लोग खुद को बड़ा साबित करने के लिए इतनी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं लेकिन, इस संबंध में पुलिस और सरकार अगर कार्रवाई करती है तो इससे साबित हो जाएगा कि किसने क्या किया।
वहीं चिराग पासवान के बयान पर उन्होंने कहा कि अपना कद बढ़ाने के लिए किसी का नाम लेना और बोलना, बिल्कुल गलत है। इस देश के अंदर हम सभी भाई-बहन हैं, लेकिन किसी का नाम लेकर सच में ऐसी बातें करना बहुत गलत है। इसलिए शायद चिराग पासवान ने शिकायत की है।
कैंसर को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत के बयान पर राजू वाघमारे ने कहा कि ये बहुत बचकाना बयान है। इस तरह से अगर कोई किसी को कैंसर दे सकता है, तो दुनिया में युद्ध बंद करके इसका इस्तेमाल किया जाता। खाने का कैंसर आपको लंबे समय तक गलत चीजों के खाने की वजह से हो सकता है। संजय राउत तो 100 दिन जेल में थे, इतने दिनों में कौन सा कैंसर होगा। इस तरह की बातें मीडिया में चमकाने के लिए कर रहे हैं। ये लोगों और मीडिया को मालूम है कि उनके बयान को कितना महत्व देना है और नहीं। 100 दिनों में अगर किसी को कैंसर होता है, तो लोग युद्ध बंद करके यही काम करेंगे।


