मुंबई में बम धमकी से अलर्ट, हाईकोर्ट, बीएसई और अमिताभ बच्चन का बंगला निशाने पर
धमकी वाले संदेश में मुंबई के चार प्रमुख स्थानों का नाम होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस और अन्य एजेंसियां ईमेल का डिजिटल सुराग तलाश रही हैं, ताकि पता चल सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।

मुंबई: Mumbai bomb threat: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं, जब बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला। ईमेल में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई), वर्ली रेसकोर्स और अभिनेता अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ का भी उल्लेख किया गया। धमकी सामने आते ही मुंबई पुलिस और बम निरोधक दस्तों ने संबंधित स्थानों पर सुरक्षा जांच शुरू की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस ने ईमेल को गंभीरता से लेते हुए जांच की और धमकी भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश शुरू कर दी। उपलब्ध रिपोर्टों में इन जगहों पर तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक मिलने की सूचना नहीं है। हालांकि, जांच जारी है और पुलिस ने ईमेल भेजने वाले की मंशा या पहचान के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस ईमेल के स्रोत की जांच में जुटी
धमकी वाले संदेश में मुंबई के चार प्रमुख स्थानों का नाम होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस और अन्य एजेंसियां ईमेल का डिजिटल सुराग तलाश रही हैं, ताकि पता चल सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। अधिकारियों की ओर से जांच से जुड़ी सीमित जानकारी ही साझा की गई है। एजेंसियां एक ओर परिसर की जांच कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर ईमेल की विश्वसनीयता और उसके स्रोत की पड़ताल कर रही हैं।
अमिताभ बच्चन के बंगले का पहले भी आया था जिक्र
रिपोर्टों के अनुसार, इससे पहले भी अमिताभ बच्चन के मुंबई स्थित बंगले को निशाना बनाने की धमकी मिली थी। 23 अक्तूबर को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के एक स्कूल को ऐसा ईमेल मिलने की खबर आई थी, जिसमें अभिनेता के बंगले का उल्लेख था। पुलिस ने उस मामले में भी जांच की थी। अमिताभ बच्चन के मुंबई में ‘जलसा’ और ‘प्रतीक्षा’ नाम के बंगले हैं। इस बार के ईमेल में जलसा का नाम सामने आया है। हालांकि, पुलिस की सार्वजनिक प्रतिक्रिया में धमकी को लेकर किसी व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं की गई है।
बीएमसी और प्रेस क्लब के पुराने मामलों से अलग घटना
मुंबई में इससे पहले नगर निगम यानी बीएमसी कार्यालय और मुंबई प्रेस क्लब को भी धमकी भरे ईमेल मिलने की खबरें आई थीं। उन मामलों में परिसर की तलाशी ली गई थी और संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना नहीं थी। प्रेस क्लब से जुड़े पुराने ईमेल में जहरीली गैस वाले उपकरणों का दावा किया गया था, लेकिन ऐसे दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। पुराने मामलों का उल्लेख मौजूदा ईमेल की जांच का विकल्प नहीं है। हर धमकी की अलग से जांच की जाती है और उसके दावों को सत्यापित करना सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी होती है। इस बार का ईमेल हाईकोर्ट, बीएसई, वर्ली रेसकोर्स और जलसा का नाम लेता है; इसे पहले की धमकियों से जोड़ने वाला कोई आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
जांच पूरी होने तक सतर्कता
पुलिस की जांच में अब मुख्य सवाल यह है कि ईमेल किसने भेजा, क्या उसका मकसद दहशत फैलाना था और क्या धमकी के पीछे कोई वास्तविक खतरा था। अधिकारियों ने जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की तलाशी में विस्फोटक न मिलने की रिपोर्ट के बावजूद मामले को बंद घोषित किए जाने की जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। मुंबई पुलिस से आगे की आधिकारिक जानकारी मिलने पर धमकी के स्रोत और जांच के निष्कर्ष स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल एजेंसियां सतर्क हैं और मामले की पड़ताल जारी है।


