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‘तीन दिन नहीं, तीन महीने जेल में रख लो’ दिपके का फडणवीस पर हमला

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने राज्य सरकार को रणनीतिक गलतियां न करने की चेतावनी दी और अधिकारियों को चुनौती दी कि वे मुंबई में 2 अक्टूबर से होने वाले सीजेपी के प्रदर्शनों से पहले उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं।

‘तीन दिन नहीं, तीन महीने जेल में रख लो’ दिपके का फडणवीस पर हमला
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मुंबई आंदोलन से पहले गरजे दिपके, बोले गिरफ्तारी से नहीं डरेंगे

  • ईसीआई विवाद पर सीजेपी का बड़ा ऐलान, सड़कों पर उतरेगा जनसैलाब
  • फडणवीस बनाम दिपके, महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ा टकराव
  • मुंबई में 2 अक्टूबर को होगा शक्ति प्रदर्शन, दिपके ने सरकार को ललकारा

मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने राज्य सरकार को रणनीतिक गलतियां न करने की चेतावनी दी और अधिकारियों को चुनौती दी कि वे मुंबई में 2 अक्टूबर से होने वाले सीजेपी के प्रदर्शनों से पहले उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं।

मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हुई गलती को न दोहराएं। अगर आप हमें गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो अभी करें।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'देश का गद्दार' बताते हुए, दिपके ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोपों को लेकर उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर आरोप लगाया कि वह सरकार की मदद से लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर रहा है और भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर कर रहा है।

दिपके ने इस बात पर जोर दिया कि जो भी मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठे, उसे पारदर्शी होना चाहिए। देश भर में जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे सड़कों पर उतरेंगे और जब वे ऐसा करेंगे, तो जनता ज्ञानेश कुमार के बॉस के इस्तीफे की मांग करेगी।

उन्होंने यह भी मांग की कि चुनाव आयोग हाल की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) लिस्ट को रोक दे और आने वाले चुनाव सख्ती से 2005 की वोटर लिस्ट के आधार पर कराए।

प्रदर्शनों के लिए पुलिस की मंजूरी से जुड़े सवालों पर दिपके ने आधिकारिक मंजूरी की जरूरत को खारिज कर दिया और देश की आजादी की लड़ाई का उदाहरण दिया।

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि हमारे किस विरोध प्रदर्शन को मंजूरी मिली है? हम सत्ताधारी सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, वे इसकी इजाजत क्यों देंगे? अगर महात्मा गांधी ने भी विरोध करने के लिए अंग्रेजों से इजाजत मांगी होती, तो वे उन्हें भी मना कर देते। इजाजत मिले या न मिले, हम मार्च करेंगे।

प्रदर्शनकारियों को जमानत मिलने से पहले तीन दिन जेल में रहना पड़ सकता है, मुख्यमंत्री फडणवीस के इस हालिया बयान पर तंज कसते हुए दिपके ने कहा कि मुझे तीन दिन के बजाय तीन महीने जेल में रख लो... मैं बार-बार सड़कों पर उतरूंगा।

उन्होंने वेन्यू की इजाजत देने में भेदभाव पर भी सवाल उठाए। दिपके ने कहा कि अगर देवेंद्र फडणवीस शिवाजी पार्क में पॉलिटिकल रैली कर सकते हैं और वोट मांग सकते हैं, तो हमें उसी जगह पर प्रोटेस्ट करने से क्यों रोका जा रहा है?

दिपके ने घोषणा की कि सीजेपी 4 अक्टूबर को विपक्ष के संयुक्त आंदोलन को पूरा समर्थन देगा। जहां दिपके देशव्यापी दौरे पर रहेंगे, वहीं सीजेपी के कार्यकर्ता मुंबई में बड़ी संख्या में इकट्ठा होंगे और पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर ईसीआई के खिलाफ एक बड़े संयुक्त मोर्चे में शामिल होंगे।

भविष्य के चुनावी समीकरणों पर बात करते हुए, दिपके ने युवा वोटरों की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनावों में 'जेनजी' सबसे बड़ा वोटर ग्रुप होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें वैसा देश दें जिसकी वे कल्पना करते हैं और जिसके वे हकदार हैं।

बता दें कि विपक्षी पार्टियां 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में ईसीआई हेडक्वार्टर के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही हैं, वहीं 2 अक्टूबर को मुंबई में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से विपक्षी गुटों और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ने की शुरुआत हो गई है।

मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने राज्य सरकार को रणनीतिक गलतियां न करने की चेतावनी दी और अधिकारियों को चुनौती दी कि वे मुंबई में 2 अक्टूबर से होने वाले सीजेपी के प्रदर्शनों से पहले उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं।

मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को हुई गलती को न दोहराएं। अगर आप हमें गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो अभी करें।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'देश का गद्दार' बताते हुए, दिपके ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोपों को लेकर उनके तुरंत इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर आरोप लगाया कि वह सरकार की मदद से लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर रहा है और भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर कर रहा है।

दिपके ने इस बात पर जोर दिया कि जो भी मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बैठे, उसे पारदर्शी होना चाहिए। देश भर में जिन 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, वे सड़कों पर उतरेंगे और जब वे ऐसा करेंगे, तो जनता ज्ञानेश कुमार के बॉस के इस्तीफे की मांग करेगी।

उन्होंने यह भी मांग की कि चुनाव आयोग हाल की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) लिस्ट को रोक दे और आने वाले चुनाव सख्ती से 2005 की वोटर लिस्ट के आधार पर कराए।

प्रदर्शनों के लिए पुलिस की मंजूरी से जुड़े सवालों पर दिपके ने आधिकारिक मंजूरी की जरूरत को खारिज कर दिया और देश की आजादी की लड़ाई का उदाहरण दिया।

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि हमारे किस विरोध प्रदर्शन को मंजूरी मिली है? हम सत्ताधारी सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, वे इसकी इजाजत क्यों देंगे? अगर महात्मा गांधी ने भी विरोध करने के लिए अंग्रेजों से इजाजत मांगी होती, तो वे उन्हें भी मना कर देते। इजाजत मिले या न मिले, हम मार्च करेंगे।

प्रदर्शनकारियों को जमानत मिलने से पहले तीन दिन जेल में रहना पड़ सकता है, मुख्यमंत्री फडणवीस के इस हालिया बयान पर तंज कसते हुए दिपके ने कहा कि मुझे तीन दिन के बजाय तीन महीने जेल में रख लो... मैं बार-बार सड़कों पर उतरूंगा।

उन्होंने वेन्यू की इजाजत देने में भेदभाव पर भी सवाल उठाए। दिपके ने कहा कि अगर देवेंद्र फडणवीस शिवाजी पार्क में पॉलिटिकल रैली कर सकते हैं और वोट मांग सकते हैं, तो हमें उसी जगह पर प्रोटेस्ट करने से क्यों रोका जा रहा है?

दिपके ने घोषणा की कि सीजेपी 4 अक्टूबर को विपक्ष के संयुक्त आंदोलन को पूरा समर्थन देगा। जहां दिपके देशव्यापी दौरे पर रहेंगे, वहीं सीजेपी के कार्यकर्ता मुंबई में बड़ी संख्या में इकट्ठा होंगे और पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर ईसीआई के खिलाफ एक बड़े संयुक्त मोर्चे में शामिल होंगे।

भविष्य के चुनावी समीकरणों पर बात करते हुए, दिपके ने युवा वोटरों की ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनावों में 'जेनजी' सबसे बड़ा वोटर ग्रुप होगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें वैसा देश दें जिसकी वे कल्पना करते हैं और जिसके वे हकदार हैं।

बता दें कि विपक्षी पार्टियां 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में ईसीआई हेडक्वार्टर के बाहर बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही हैं, वहीं 2 अक्टूबर को मुंबई में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से विपक्षी गुटों और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ने की शुरुआत हो गई है।


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