ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह को राहत या झटका, 1 अक्टूबर पर टिकी निगाहें

मौत मामले में CBI को अदालत का निर्देश, पेश करने होंगे मूल दस्तावेज
भोपाल। मध्यप्रदेश राजधानी के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल की दो अलग-अलग अदालतों में सुनवाई हुई। एक अदालत में मुख्य आरोपित समर्थ सिंह की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई को मूल केस डायरी और जांच से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए समय दिया गया, जबकि दूसरी अदालत में समर्थ सिंह और उनकी मां एवं सेवानिवृत्त जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोप तय करने की कार्रवाई नए अधिवक्ताओं द्वारा समय मांगे जाने के कारण आगे बढ़ा दी गई।
विशेष न्यायाधीश शोभना भलावे की अदालत में समर्थ सिंह की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष ने सीबीआई द्वारा पेश आरोप पत्र को तकनीकी रूप से अधूरा बताते हुए जमानत दिए जाने की मांग की। इस पर अदालत ने सीबीआई को दिल्ली मुख्यालय से मूल केस डायरी और जांच से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मंगाकर पेश करने के निर्देश दिए। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।
इधर, अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए प्रकरण नियत था। सुनवाई के दौरान दोनों आरोपितों की ओर से नए अधिवक्ताओं ने वकालतनामा पेश किया और प्रकरण की फाइल तथा दस्तावेजों का अध्ययन करने के लिए समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए आरोप तय करने की कार्रवाई के लिए अगली तारीख 12 अक्टूबर 2026 निर्धारित की है।
इस प्रकार समर्थ सिंह की नियमित जमानत याचिका पर एक अक्टूबर को विशेष न्यायालय में सुनवाई होगी, जबकि समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया 12 अक्टूबर को आगे बढ़ेगी। अगली सुनवाई में सीबीआई द्वारा प्रस्तुत मूल केस डायरी और जांच से जुड़े दस्तावेज महत्वपूर्ण रहेंगे।


