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बालाघाट में बीमारी से जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता: सीएम मोहन यादव

मध्य प्रदेश में जारी जनविश्वास अभियान के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नक्सल मुक्त बालाघाट पहुंचे, यहां उन्होंने विकास कार्यों की सौगात देने के साथ बीमारियों के चलते जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।

बालाघाट में बीमारी से जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता: सीएम मोहन यादव
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बालाघाट। मध्य प्रदेश में जारी जनविश्वास अभियान के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को नक्सल मुक्त बालाघाट पहुंचे, यहां उन्होंने विकास कार्यों की सौगात देने के साथ बीमारियों के चलते जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।

दरअसल, बालाघाट इन दिनों चर्चाओं में है उसकी वजह भी है क्योंकि यह जिला नक्सल समस्या से मुक्त हुआ है वहीं दूसरी ओर बीमारी के चलते बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि सरकार बालाघाट की तस्वीर को बदलने के लिए बड़े बजट पर काम कर रही है। हम समस्या के मूल कारणों तक पहुंचकर उसके स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके दर्द और कष्ट को मैंने महसूस किया है और अपनी ओर से 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि बालाघाट जिले के 100 ऐसे ग्राम, जो कभी नक्सल प्रभावित थे, उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 225 करोड़ की राशि से आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जाएगा। इन ग्रामों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इस पहल से इन क्षेत्रों में विकास को गति मिलेगी, ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और नक्सल प्रभावित रहे ग्रामों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि बालाघाट और लांजी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता चेरापूंजी को भी मात देने की क्षमता रखती है। यहां की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं और सरल जनजीवन क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विशिष्ट हैं। प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ते हुए यहां इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म के विकास की असीम संभावनाएं हैं।


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