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मध्य प्रदेश के किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच से करेंगे: मोहन यादव

देश की अन्य हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी संभावित अल्पवर्षा के मद्देजनर राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी हैं। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य के किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी से करेंगे।

मध्य प्रदेश के किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच से करेंगे: मोहन यादव
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भोपाल। देश की अन्य हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी संभावित अल्पवर्षा के मद्देजनर राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी हैं। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि राज्य के किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी से करेंगे।

मुख्यमंत्री यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जल संसाधन, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सहित अन्य संबंधित विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर योजना, वैज्ञानिक खेती और समयबद्ध तैयारी के अवसर के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को समय पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, ताकि प्रदेश में कृषि उत्पादन और किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश का प्रत्येक किसान मौसम की चुनौतियों का सामना वैज्ञानिक सोच और उचित तैयारी के साथ करे। समय पर सही निर्णय और विभागों के प्रभावी समन्वय से हम संभावित अल्प वर्षा के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम पानी और कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों की खेती के लिए व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग, तुअर तथा कोदो-कुटकी जैसी मोटे अनाज एवं दलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि ये फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने के साथ किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जल्दबाजी में बुआई नहीं करने के लिए भी प्रेरित किया जाए। खेतों में पर्याप्त नमी बनने के बाद ही बुआई की जाए तथा नमी संरक्षण के उपाय अपनाए जाएं। साथ ही कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि वैज्ञानिकों एवं विषय विशेषज्ञों के सुझावों को प्रभावी ढंग से किसानों तक पहुंचाया जाए, ताकि वे स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल का चयन कर सकें। इसके लिए कृषि विस्तार तंत्र को और अधिक सक्रिय बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संभावित अल्प वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखे हुए है। सभी संबंधित विभाग पूर्व नियोजित कार्य योजना के अनुसार समन्वित रूप से कार्य करें और किसानों को हर संभव तकनीकी एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराएं।


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