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जेडी(एस)-कांग्रेस गठबंधन ‘जबरन शादी’ था, जो तलाक में खत्म हुआ: पूर्व पीएम देवगौड़ा

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) के राज्यसभा सदस्य एच. डी. देवेगौड़ा ने बुधवार को कांग्रेस के साथ अपनी पार्टी के पुराने गठबंधन को “जबरन शादी” करार देते हुए कहा कि यह अंततः “तलाक” में खत्म हुआ

जेडी(एस)-कांग्रेस गठबंधन ‘जबरन शादी’ था, जो तलाक में खत्म हुआ: पूर्व पीएम देवगौड़ा
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बेंगलुरु। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) के राज्यसभा सदस्य एच. डी. देवेगौड़ा ने बुधवार को कांग्रेस के साथ अपनी पार्टी के पुराने गठबंधन को “जबरन शादी” करार देते हुए कहा कि यह अंततः “तलाक” में खत्म हुआ।

देवगौड़ा ने यह टिप्पणी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संसद में दिए गए बयान के जवाब में की। खड़गे ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था कि देवगौड़ा पहले कांग्रेस से “प्यार” करते थे, लेकिन बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के साथ “शादी” कर ली।

देवगौड़ा ने कहा कि वह उस समय सदन में मौजूद नहीं थे, क्योंकि वह उगादी समारोह में शामिल होने के लिए बेंगलुरु जा चुके थे। उन्होंने खड़गे को अपना पुराना मित्र बताते हुए कहा कि उनका बयान मजाकिया था, लेकिन वह भी उसी अंदाज में जवाब देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “अगर उसी भाषा में जवाब दूं तो कहूंगा कि कांग्रेस के साथ मेरा गठबंधन एक जबरन शादी थी, जिसे मुझे खत्म करना पड़ा क्योंकि वह एक ‘दुरुपयोगपूर्ण संबंध’ बन गया था।”

देवगौड़ा ने 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद की परिस्थितियों को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने जेडी(एस) से गठबंधन के लिए संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने एच. डी. कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव रखा था।

देवगौड़ा के अनुसार, उन्होंने उस समय सिद्धारमैया और अन्य नेताओं की मौजूदगी में खड़गे को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी, लेकिन आजाद ने कुमारस्वामी के नाम पर जोर दिया।

2019 में गठबंधन सरकार के गिरने का जिक्र करते हुए देवगौड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने विधायकों को टूटने से नहीं रोक सकी। उन्होंने कहा कि कई कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल हो गए और यह सभी को पता है कि इन दलबदल को किसने बढ़ावा दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उस समय जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की गई होती, तो आज खड़गे की स्थिति कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में और मजबूत होती।

देवगौड़ा ने स्पष्ट किया कि जेडी(एस) ने कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ा था। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड ठीक करने के लिए बता दूं कि मैंने कांग्रेस गठबंधन नहीं छोड़ा। उन्होंने ही साथ छोड़ा, जिससे मुझे मजबूरन अलग होना पड़ा और एक स्थिर गठबंधन की तलाश करनी पड़ी।”


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