Top
Begin typing your search above and press return to search.

कर्नाटक में जेल विभाग के आधुनिकीकरण को कैबिनेट की मंजूरी मिली

कर्नाटक कैबिनेट ने राज्य के जेल विभाग को आधुनिक और मजबूत बनाने की कोशिशों के तहत एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाले उपकरण खरीदने और लगाने को मंजूरी दे दी है

कर्नाटक में जेल विभाग के आधुनिकीकरण को कैबिनेट की मंजूरी मिली
X

बेंगलुरु। कर्नाटक कैबिनेट ने राज्य के जेल विभाग को आधुनिक और मजबूत बनाने की कोशिशों के तहत एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वाले उपकरण खरीदने और लगाने को मंजूरी दे दी है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वाले कैमरे और पोर्टेबल सिग्नल जैमर शामिल हैं। गृह, सूचना प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी तथा ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खड़गे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह फैसला मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

मंत्री खड़गे ने कहा कि राज्य सरकार का मकसद राज्य की जेलों में सुरक्षा, निगरानी और कामकाज की क्षमता को बेहतर बनाना है।

आधुनिकीकरण की पहल के तहत, जेलों में एआई-पावर्ड कैमरे, पोर्टेबल सिग्नल जैमर और प्रिजनर कॉलिंग सिस्टम जैसे एडवांस्ड उपकरण लगाए जाएंगे।

उम्मीद है कि नई टेक्नोलॉजी से जेल परिसर के अंदर अनधिकृत गतिविधियों को रोकने और सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

मंत्री खड़गे ने कहा, "बदलती चुनौतियों को देखते हुए, जेल विभाग में भी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जरूरी है। यह कदम सुरक्षा और निगरानी को और मजबूत करने के मकसद से उठाया गया है।"

उन्होंने कहा कि कैबिनेट की मंजूरी राज्य सरकार की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनके जरिए जेल विभाग के कामकाज में टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी और सुरक्षा उपायों को ज्यादा से ज्यादा शामिल किया जा सके।

हाल ही में अधिकारियों ने पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना और प्रताप राय की सेल से फोन, चार्जर, पॉकेट नोटबुक और सैनडिस्क पेन ड्राइव बरामद किया।

खबरों के मुताबिक, रेवन्ना ने दावा किया कि फोन प्रताप राय का था। एक वीडियो सामने आया जिसमें रेवन्ना अपनी जेल सेल के अंदर आम कपड़ों में मोबाइल फोन पर बात करते दिखे, जिससे जेल अधिकारियों पर सवाल उठने लगे।

प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल फोन मिलने के बाद, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इरन्ना रंगापुर को सस्पेंड कर दिया गया।

बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट अंशु कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

डीजीपी (जेल) आलोक कुमार ने कहा कि विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it