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इरफान अंसारी के बयान पर झारखंड में सियासी बवाल, भाजपा ने बर्खास्तगी और FIR की मांग की

वायरल वीडियो में इरफान अंसारी के हवाले से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग भी सामने आई है। कथित बयान में कहा गया कि ऐसा होने पर देश में शांति स्थापित हो सकती है।

इरफान अंसारी के बयान पर झारखंड में सियासी बवाल, भाजपा ने बर्खास्तगी और FIR की मांग की
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रांची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी कथित तौर पर देश में बांग्लादेश और नेपाल से भी बदतर हालात पैदा होने संबंधी बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में मंत्री के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय रहते लोगों की आवाज और अधिकारों को दबाने की कोशिश नहीं रोकी, तो देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो सकते हैं। इस कथित बयान को लेकर झारखंड की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे देश में अराजकता फैलाने और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने वाला बयान करार दिया है। पार्टी ने मंत्री को पद से बर्खास्त करने और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। वहीं, इरफान अंसारी ने इस तरह का बयान देने से इनकार करते हुए इसे भाजपा की राजनीतिक चाल बताया है।

राहुल गांधी के इशारे पर सड़कों पर उतरने का दावा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इरफान अंसारी के हवाले से दावा किया जा रहा है कि देश में करीब 40 लाख युवा और छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार बैठे हैं। कथित बयान में उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी उन्हें रोक रहे हैं और उनके एक इशारे से स्थिति बदल सकती है। वीडियो में मंत्री के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि यदि देश में युवाओं और आम लोगों की आवाज को दबाया गया, तो हालात बांग्लादेश और नेपाल से भी ज्यादा खराब हो सकते हैं। उन्होंने कथित तौर पर यह दावा भी किया कि ऐसी स्थिति में देश की सेना भी युवाओं को रोक नहीं पाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग

वायरल वीडियो में इरफान अंसारी के हवाले से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग भी सामने आई है। कथित बयान में कहा गया कि ऐसा होने पर देश में शांति स्थापित हो सकती है। इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ इस तरह के बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हैं। विवाद बढ़ने के बाद जब इरफान अंसारी से उनके कथित बयान को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। मंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत को बांग्लादेश या उससे भी बदतर स्थिति में पहुंचने की बात नहीं कही है। उन्होंने वायरल वीडियो और आरोपों को भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया।

भाजपा ने बताया अराजकता फैलाने वाला बयान

भाजपा ने इरफान अंसारी के कथित बयान को गंभीर बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री को इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, जिससे देश में हिंसा और अराजकता फैलने की आशंका पैदा हो। भाजपा ने मांग की है कि झारखंड सरकार मंत्री को तत्काल पद से हटाए और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी विरोध के तहत भाजपा ने शुक्रवार को झारखंड के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन कर कथित बयान के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।

दीपक प्रकाश ने अरगोड़ा थाने में दी शिकायत

झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने शुक्रवार को रांची के अरगोड़ा थाने में शिकायत देकर इरफान अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि मंत्री ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी के इशारे पर यह बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल पैदा हो सकता है। भाजपा नेता ने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार और पुलिस को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।



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